देहरादून 24 नवम्बर।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को लाखामंडल पहुंचे, जहां प्राचीन शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। आगमन पर स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। पूजा के बाद आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों, पारदर्शी भर्तियों और सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर केंद्रित संबोधन किया।
कार्यक्रम के संयोजक गीता राम गौड़ ने क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं और विकास से जुड़ी 16 सूत्रीय मांगें मुख्यमंत्री को सौंपीं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि मांग पत्र में दर्ज सभी बिंदुओं पर गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा और सकारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ऐतिहासिक और निर्णायक फैसले ले रही है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है, और भर्ती प्रक्रिया में शत-प्रतिशत ईमानदारी बरती गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लैंड जिहाद, जबरन धर्मांतरण और ऐसी अन्य गतिविधियों पर पूरी कड़ाई से रोक लगा चुकी है और राज्य की जनसांख्यिकी व सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या में श्रीराम मंदिर और उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर ने भारतीय आस्था को नई ऊंचाई दी, उसी तरह उत्तराखंड में भी सांस्कृतिक पुनर्जागरण के व्यापक कार्य जारी हैं। इसी क्रम में क्षेत्र के प्रसिद्ध हनोल मंदिर के लिए 120 करोड़ रुपये का विशेष मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत इस ऐतिहासिक व आध्यात्मिक धरोहर का संरक्षक और आधुनिक दृष्टि से विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने लाखामंडल की जनता द्वारा मिले स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में विधायक दुर्गेश्वर लाल, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।








