देहरादून 21 नवम्बर।
प्रदेशवासियों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 वर्ष पुराने कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में बढ़ोतरी को 01 जुलाई 2026 तक स्थगित कर दिया है। अब पूरे एक वर्ष तक पहले वाली पुरानी फीस ही लागू रहेगी। इस फैसले से टैक्सी और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी।
परिवहन विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना सचिव परिवहन बृजेश कुमार संत द्वारा जारी की गई। केंद्र सरकार ने हाल ही में पुराने कमर्शियल वाहनों की फिटनेस फीस में 10 गुना तक वृद्धि की थी। इसके बाद प्रदेश में विरोध और चिंता की स्थिति पैदा हो गई थी। जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने शुल्क वृद्धि को रोकने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार आमजन के हितों को सर्वोपरि मानते हुए ऐसे निर्णय ले रही है, जिनसे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का संकल्प जनता को राहत देना और जनहित में त्वरित निर्णय लेना है। हम नहीं चाहते कि वाहन स्वामियों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों पर अचानक अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े। इसलिए इस वृद्धि को एक वर्ष के लिए स्थगित किया गया है ।सीएम धामी ने आगे कहा कि राज्य में नई फिटनेस फीस दरें केंद्र सरकार द्वारा किए जाने वाले आगामी पुनरीक्षण के अनुसार ही लागू की जाएंगी।
सरकार के इस फैसले से विशेष रूप से टैक्सी व्यवसायियों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों, कमर्शियल वाहन मालिकों, ड्राइवरों और मवेशी ढुलाई, स्कूल बस संचालकों जैसे वर्गों को प्रत्यक्ष राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब, मध्यम वर्ग और परिवहन क्षेत्र से जुड़े हजारों लोगों का हित सुरक्षित रखना हमारी प्राथमिकता है। जनहित के निर्णयों में हम किसी भी तरह की देरी नहीं होने देंगे।
धामी सरकार के इस निर्णय को चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन से पहले परिवहन क्षेत्र के लिए बड़ा सहयोग माना जा रहा है। प्रदेश में परिवहन व्यवसाय से जुड़े हजारों परिवारों को आने वाले दिनों में इससे राहत मिलने की उम्मीद है।








