अल्मोड़ा में आयोजित हुआ राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान

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— वरिष्ठ पेंशनभोगियों के घर जाकर दी गई डीएलसी सेवा, बैंक व डाक विभाग ने लगाए जागरूकता शिविर

अल्मोड़ा 4 नवंबर ।भारत सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय द्वारा राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 4.0 के तहत मंगलवार को अल्मोड़ा जिले में विशेष शिविरों का आयोजन किया गया। यह अभियान 1 से 30 नवंबर 2025 तक देशभर में संचालित किया जा रहा है।

अभियान के अंतर्गत अल्मोड़ा के माल रोड स्थित हेड पोस्ट ऑफिस, भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, तथा रानीखेत, द्वाराहाट, चौखुटिया और सोमेश्वर की शाखाओं में डीएलसी सेवा शिविर लगाए गए। इस दौरान पेंशनभोगियों को डिजिटल माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (डाक विभाग) की ओर से अति वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग पेंशनभोगियों को घर जाकर डोरस्टेप डीएलसी सेवा प्रदान की गई। वहीं, एसबीआई शाखाओं, पेंशनभोगी संघों और क्षेत्रीय कार्यालयों ने संयुक्त रूप से जागरूकता शिविर आयोजित किए और ऑन-साइट तकनीकी सहायता दी।

इस अवसर पर श्री लालता प्रसाद पाल, परामर्शदाता, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, भारत सरकार, ने अल्मोड़ा स्थित हेड पोस्ट ऑफिस और एसबीआई शाखाओं के शिविरों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों और पेंशनभोगियों से बातचीत करते हुए आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया समझाई।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2021 में शुरू की गई फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक ने पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बना दिया है। अब पेंशनभोगी स्मार्टफोन या टैबलेट का उपयोग कर अपने घर से ही प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं।

गौरतलब है कि वर्ष 2024 में आयोजित डीएलसी 3.0 अभियान में 1.62 करोड़ से अधिक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जारी किए गए थे, जिनमें से 50 लाख फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से बने थे। डीएलसी अभियान 4.0 की प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस वर्ष 2 करोड़ डीएलसी के लक्ष्य को पार करने की संभावना है।

विभाग ने कहा कि यह अभियान पेंशनभोगियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने और उनकी सुविधा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत सरकार का उद्देश्य है कि तकनीक-संचालित इस पहल के माध्यम से देश के सभी पेंशनभोगियों को सहज, सुरक्षित और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

 

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