

– पुनर्निर्माण कार्यों और यात्रियों की सुविधाओं का किया निरीक्षण, वर्ष 2026 की यात्रा तैयारियों के दिए निर्देश
रुद्रप्रयाग 22 अक्टूबर। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को पवित्र केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और धाम परिसर में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया।
मुख्य सचिव ने धाम क्षेत्र में विभिन्न चरणों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और कार्य निष्पादन की समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारी प्रतीक जैन से सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सौंदर्य और धार्मिक आस्था का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि 23 अक्टूबर को बाबा केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने जा रहे हैं, ऐसे में कपाट बंद होने के बाद भी धाम क्षेत्र में सुरक्षा, सामग्री संरक्षण तथा बर्फबारी की स्थिति में कार्यों के रखरखाव के लिए पूरी तैयारी रखी जाए।
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि वर्ष 2026 की यात्रा तैयारियों की शुरुआत अभी से कर दी जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को पूर्व योजना (Pre-planning) तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि अगले यात्रा सत्र में यात्रियों को और बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। उन्होंने बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, संचार, परिवहन, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच आपसी समन्वय को और मजबूत करने पर बल दिया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने मुख्य सचिव को अवगत कराया कि केदारनाथ यात्रा से जुड़े सभी विभाग आपसी सहयोग और समन्वय से कार्य कर रहे हैं।
मुख्य सचिव ने धाम क्षेत्र में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि केदारनाथ धाम आज पूरे देश में पुनर्निर्माण और पुनरुत्थान का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन का उद्देश्य केवल भौतिक निर्माण नहीं, बल्कि आस्था और सुविधा का संतुलित संगम सुनिश्चित करना है, ताकि श्रद्धालुओं को एक पवित्र, सुरक्षित और दिव्य अनुभव प्राप्त हो।
इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे, मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय थपलियाल, उप जिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल शुक्ला, अधिशासी अभियंता डी.डी.एम. विनय झिंकवाण, ए.आर.टी.ओ. धर्मेंद्र सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








