चंपावत 15 अक्टूबर।


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंपावत–टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भूस्खलन प्रभावित स्वाला डेंजर जोन का जायजा लिया और अधिकारियों को स्थायी समाधान के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री धामी स्वयं ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और पहाड़ी से गिर रहे मलबे की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है, इसलिए इसके स्थायी समाधान के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार ने मुख्यमंत्री को स्वाला भूस्खलन क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, मलबे की मात्रा, जल प्रवाह की दिशा और वैकल्पिक मार्गों की उपलब्धता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वाला क्षेत्र में वर्ष 2026 तक मार्ग को पूरी तरह निर्बाध और सुचारु कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि राजमार्ग पर मलबा हटाने के लिए पर्याप्त मशीनरी और मानव संसाधन हमेशा तैनात रहें ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।
उन्होंने संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिए कि वैकल्पिक मार्गों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और यातायात में किसी तरह की बाधा न आने पाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता की सुविधा के लिए हर संभव कदम उठा रही है और स्वाला जैसे संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों का स्थायी उपचार प्राथमिकता में है।








