बागजाला के मालिकाना अधिकार के सवाल को विधानसभा में न उठाना विधायक का बेरुखा व्यवहार: आनन्द सिंह नेगी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

चार दिन चलने वाले विधानसभा सत्र को डेढ़ दिन में खत्म किया जाना जनता के साथ विश्वासघात: डा0 कैलाश पाण्डेय
बागजाला के अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन का चौथा दिन
हल्द्वानी 21 अगस्त ‌
अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला द्वारा अपनी आठ सूत्रीय मांगों भूमि के मालिकाना अधिकार, मानसून सत्र में राजस्व गांव का प्रस्ताव पारित करने, जनता की पेयजल, सड़क, विकास कार्यों और निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटाने, जल जीवन मिशन योजना को शुरू करने, पंचायत प्रतिनिधि चुनने के अधिकार को बहाल करने, बागजाला गांव समेत सभी वन भूमि, नजूल भूमि पर बसे सभी लोगों को मालिकाना अधिकार देने जैसी मूलभूत नागरिक सुविधाओं की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना चौथे दिन भी जारी रहा।
किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनन्द सिंह नेगी ने कहा कि बागजाला के मालिकाना अधिकार और राजस्व गांव के सवाल को विधानसभा में न उठाकर लालकुआं विधायक ने एक बार फिर गैर जिम्मेदारी का परिचय दिया है। आंदोलनरत बागजाला गांव की जनता के सवालों को विधानसभा में न उठाना लालकुआं विधायक की जनता के प्रति बेरुखी को दिखा रहा है।
भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डा0 कैलाश पाण्डेय ने कहा कि उत्तराखण्ड की भाजपा सरकार ने मानसून सत्र चार दिन चलाने की घोषणा की थी लेकिन चार दिन चलने वाली विधानसभा को धामी सरकार ने डेढ़ दिन में समाप्त कर दिया, यह जनता के साथ विश्वासघात है। बिना जनता के मुद्दों पर चर्चा किए बिना विधानसभा सत्र को समाप्त किए जाने का अर्थ है कि सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई को उड़ाने का काम किया गया है। गैरसैंण में सैरसपाटा और पिकनिक मनाने के लिए राज्य के करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए लेकिन आपदा, राजनीति के अपराधीकरण, गरीबों को उजाड़ने, बदहाल शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे एक भी मुद्दे पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया। यह शर्मनाक है और जनता के पैसे की लूट है।
धरने के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता शराफत खान, भीम आर्मी के सुलेमान मलिक, सुल्तानगरी के लछी राम कलाकार, बची सिंह कपकोटी, श्याम सिंह, नवीन चन्द्र, महेश चन्द्र शर्मा, चन्द्र प्रकाश, सतीश चन्द्र आदि भी पहुंचे। अनिश्चितकालीन धरने के चौथे दिन मुख्य रूप से किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनन्द सिंह नेगी, भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डा कैलाश पाण्डेय, विमला देवी, वेद प्रकाश, प्रेम सिंह नयाल, हरिदित्ता सिंह, भूपाल दत्त कर्नाटक, ललित मटियाली, मो यासीन, मकसूद, परवेज अंसारी, चन्दन सिंह मटियाली, राजू बिष्ट, सोहन लाल, पूरन लाल, दौलत सिंह, ऋषि मटियाली, पूर्व सैनिक नारायण दत्त जोशी, अनीता अन्ना, महेन्द्र सिंह, विमला पांडे, शहाना, पार्वती, हेमा, नन्दी, गोपाल राम, धनी लाल, ऊषा वर्मा, मुन्नी देवी, तुलसी, नीलम आर्य, पुष्पा, नारायण राम, दीपा, हरक सिंह बिष्ट, मधु बिष्ट, रेनू, लीला, दुर्गा देवी, मीना,फरजाना, शहीद अहमद, हेमा बर्गली, दीपिका, रामकली, कौशल्या, नरेश, प्रकाश आदि समेत बड़ी संख्या में बागजाला गांव के ग्रामीण शामिल रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें