जिले के ऐसे गांवो के लोगों का स्वप्न पूरा करें जो आज तक सड़क सुविधा से रखे गए हैं टापते।
जिला योजना में नए आईडिया एवं ऐसे कार्य प्रस्तावित करें जिससे लोगों को मिले प्रत्यक्ष लाभ।
चंपावत 28 अप्रैल । जिले की चालू वित्तीय वर्ष की जिला योजना के स्वरूप को बदलने के लिए आज जिलाधिकारी नवनीत पांडे ने अधिकारियों की लंबी क्लास लगाई। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अधिकारी सरकारी धन को खपाने एवं फीजुलखर्ची से अपने को बचाये। इस दफा जिला योजना के प्रस्तावित कार्यों की स्वीकृति से पूर्व उनकी स्थलीय जांच भी करा सकते हैं कि क्या वास्तव में प्रस्तावित कार्यों से जनता को वास्तविक लाभ मिलने वाला है? डीएम ने इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया कि जिला योजना को ऐसा नया स्वरूप दिया जाए जिससे हम लोगों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ उन्हें रोजगार भी उपलब्ध करा सके। अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करते हुए ऐसे नए आइडिया भी योजना में शामिल करे की कैसे हम गांव के लोगों की मदद कर सकते हैं जिनके बारे में आज तक सोचा भी नहीं गया है। उन्होंने मोडेक्स हैंडपंप के स्थान पर अब सोलर हैंडपंप प्रस्तावित करने को कहा साथ ही सिंचाई विभाग को सुझाव दिया कि वह नहरों की मरम्मत, बाढ़ सुरक्षा जैसे तमाम कार्यों को आपदा मद में शामिल करें। इसी प्रकार शिक्षा विभाग की कार्य संस्कृति पर भी उन्होंने नयापन लाने की जरूरत बताई। उन्होंने जल संस्थान से कहा कि वह उन स्थानों में प्राथमिकता से टैंकरो से जलापूर्ति करें जहां पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है।
जिलाधिकारी ने जिला योजना के पारंपरिक ट्रेंड को बदलने पर बार-बार जोर देते हुए इस बात का खुलासा किया कि कार्यों में यदि पारदर्शिता का अभाव पाया जाता है तो यह माना जाएगा की संबंधित विभाग द्वारा पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने कार्यों को अंजाम नहीं दिया गया है। आज जिले के महत्वपूर्ण विभागों के प्रायः सभी विभागाध्यक्ष मौजूद थे। जिलाधिकारी ने आम लोगों की मंशा को जाहिर करते हुए वह सभी बातें जिलास्तरीय अधिकारियों से साझा की जो शिकायते उन्हें बार-बार नागरिकों से मिलती रही है। अपनी ईमानदारी के लिए जनता में विशिष्ट पहचान रखने वाले जिलाधिकारी ने आज इस बात का भी साफ़ तौर पर खुलासा किया कि सरकारी धन की फिजूल खर्ची, योजनाओं के निर्माण में डुप्लीकेसी जैसे कार्यों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।








