
पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मिलेगा बेहतर चिकित्सा लाभ
देहरादून 13 मार्च। उत्तराखंड राज्य के भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ईसीएचएस ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। उत्तराखंड सब एरिया के जनरल आपिफसर कमांडिंग मेजर जनरल आर0 प्रेम राज और (एम्स) ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर मीनू सिंह ने सहमति पत्रों का आदान-प्रदान किया और राज्य के पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्वता व्यक्त की।
समझौते पर हस्ताक्षर से उत्तराखंड राज्य में रहने वाले 4.97 लाख से अधिक पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों खासकर राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लाभ मिलेगा। पूर्व सैनिक समुदाय के लिए यह सेना का एक बड़ा प्रयास है, जिससे उन्हें उन्नत निदान, विशेष उपचार और महत्वपूर्ण देखभाल सेवाओं सहित विभिन्न सेवाओं में अत्याधुनिक सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा देखभाल प्राप्त होगी।
एम्स ऋषिकेश, जो अपने अत्याधुनिक चिकित्सा बुनियादी ढांचे और उच्च योग्य विशेषज्ञों के लिए जाना जाता है, अब ईसीएचएस ढांचे के तहत भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को व्यापक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करेगा। ईसीएचएस और एम्स ऋषिकेश के बीच यह समझौता पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस ऐतिहासिक समझौते के तहत एम्स ऋषिकेश, ईसीएचएस के पैनल में शामिल होने वाला उत्तराखंड राज्य का पहला सरकारी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बन गया है, जिससे अब पूर्व सैनिकों को कैशलेस इलाज की सुविधा आसानी से प्राप्त होगी।









