उत्तराखंड पुलिस को मिला नया गौरव चिह्न, मुख्यमंत्री ने किया अनावरण

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सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का शुभारंभ, भ्रष्टाचार की शिकायतों पर हेल्पलाइन 1064 की नियमित समीक्षा के निर्देश

देहरादून 31 अक्टूबर। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में उत्तराखंड पुलिस के नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। साथ ही उत्तराखंड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में पदोन्नत हुईं शाहजहां जावेद खान और जगदीश चंद्र को प्रतीक चिह्न अलंकरण कर शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों के अनावरण पर अधिकारियों और जवानों को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान में बदलाव केवल प्रतीकों और वर्दी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को और मजबूत करने की पहल है। उन्होंने कहा कि नई पहचान पुलिस के गौरव के साथ जिम्मेदारी का भी एहसास कराती है। इसका वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई दे।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित, प्रशिक्षित और सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। पुलिस का नया ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के साथ शासन व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है। राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकारी संसाधनों का सही उपयोग और आमजन को बिना परेशानी समय पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना सुशासन की पहचान है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने और भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें हेल्पलाइन 1064 पर दर्ज कराने का आह्वान किया। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की तर्ज पर हेल्पलाइन 1064 की भी नियमित समीक्षा की जाए। शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालय पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनने तथा उनके कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसी भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था तैयार करना है, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान मिले और जनता तथा शासन-प्रशासन के बीच विश्वास मजबूत हो।

6 नवंबर को राष्ट्रपति पुलिस कलर से अलंकृत होगी उत्तराखंड पुलिस

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत करेंगे। इस अवसर पर उत्तराखंड पुलिस के जवान नवीन सेरेमोनियल वर्दी में परेड में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि नई पहचान के साथ उत्तराखंड पुलिस जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी।

हिमालय और नदी को मिला पुलिस प्रतीक में स्थान

उत्तराखंड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय और नदी को शामिल किया गया है। ये राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखंड की भौगोलिक पहचान के प्रतीक हैं। पुराने तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज के स्थान पर गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नया ध्वज अपनाया गया है, जिसके मध्य नए पुलिस प्रतीक चिह्न के साथ लाल और स्वर्णिम किनारे दिए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर प्रयुक्त होने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नए प्रतीक चिह्न के अनुरूप तैयार किया गया है। पारंपरिक खाकी वर्दी के साथ बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण और परेड संबंधी साज-सज्जा को शामिल करते हुए सेरेमोनियल वर्दी को नया स्वरूप दिया गया है।

उत्तराखंड पुलिस के ध्वज का अनावरण इससे पहले 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों को देखते हुए नए गौरव चिह्न और प्रतीक तैयार किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार मुख्यमंत्री ने 21 अक्टूबर 2026 को इनके नवीन स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया था।

कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल सहित शासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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