डीपीएस देहरादून में ‘विविधांजलि-एक परंपरा 2026’ का भव्य आयोजन

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‘झरोखा’ के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक विरासत के विविध रंगों की शानदार प्रस्तुति

देहरादून 31 अक्टूबर । दिल्ली पब्लिक स्कूल, देहरादून में विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय एम.पी. सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को संस्थापक दिवस समारोह ‘विविधांजलि-एक परंपरा 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष समारोह की विषयवस्तु ‘झरोखा’ रही, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने भारतीय सांस्कृतिक विरासत के विविध रंगों को अपनी कलात्मक प्रस्तुतियों के जरिए जीवंत किया।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन मुख्य अतिथि आर्यमान सिंह ने संस्थापक अध्यक्ष के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद विशिष्ट अतिथियों और निर्णायकों का सम्मान किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य बी.के. सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और कला से जुड़ने के साथ अपनी सृजनात्मक प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।

‘झरोखा’ की थीम के तहत भारतीय लोककला, संगीत, भाषा और परंपराओं की मनोहारी झलक देखने को मिली। देहरादून और आसपास के प्रतिष्ठित विद्यालयों के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें फ्यूजन नृत्य, कहानी-कथन, लोकगीत, रैम्प वॉक, लघु फिल्म निर्माण, संस्कृत श्लोक-पाठ, नुक्कड़ नाटक, बिना आग के खाना पकाना, मेहंदी और फेस पेंटिंग जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहीं।प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और कल्पनाशीलता प्रदर्शित करने के साथ सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिला। विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणामों के आधार पर समग्र विजेताओं की घोषणा भी की गई।
समग्र प्रतियोगिता में डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल, ऋषिकेश ने प्रथम, साई ग्रेस एकेडमी ने द्वितीय और द होराइजन स्कूल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। मेजबान दिल्ली पब्लिक स्कूल, देहरादून ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया, लेकिन मेजबान विद्यालय होने के कारण विजेता ट्रॉफी डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल, ऋषिकेश को प्रदान की गई।मुख्य अतिथि आर्यमान सिंह और कांग्रेस अमन सिंह ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने विद्यार्थियों की लगन, समर्पण और कलात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया ।‘विविधांजलि-झरोखा’ ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत, विविधता में एकता और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का संदेश दिया। समारोह विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रभावी मंच बनकर उभरा।

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