अखिल गढ़वाल सभा का उत्तराखंड कौथिग 24 अक्टूबर से

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देहरादून 23 अक्टूबर । अखिल गढ़वाल सभा, देहरादून की ओर से 24 अक्टूबर से 2 नवंबर तक रेंजर्स कॉलेज ग्राउंड में दस दिवसीय उत्तराखंड कौथिग का आयोजन किया जाएगा। कौथिग का शुभारंभ 24 अक्टूबर को शाम पांच बजे ध्वज पूजन के साथ होगा। इसके बाद शाम छह बजे से उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों के लोकनृत्यों की प्रस्तुति होगी।

उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में अखिल गढ़वाल सभा देहरादून के अध्यक्ष रोशन धस्माना और महासचिव गजेंद्र भंडारी ने बताया कि कौथिग में उत्तराखंड की लोक संस्कृति, कला, संगीत, खान-पान और हस्तशिल्प को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। उद्घाटन दिवस पर जोशीमठ का पीणा नृत्य, अल्मोड़ा का छोलिया नृत्य और जौनसार के नंदलाल भारती के दल सहित अन्य लोक कलाकार प्रस्तुतियां देंगे।

25 अक्टूबर को महिलाओं की ओर से थड़िया-चौफला नृत्य की प्रस्तुति होगी। शाम को सांस्कृतिक गीत संध्या में पद्मश्री बसंती बिष्ट, रोहित चौहान, भूपेंद्र बसेड़ा, अनिल बिष्ट और अज्जू तोमर प्रस्तुति देंगे। 26 अक्टूबर को स्कूली छात्र-छात्राओं की चित्रकला प्रतियोगिता और शाम को स्कूल व विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की ओर से लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

27 अक्टूबर को महिलाओं की उत्तराखंडी आंचलिक वेशभूषा प्रतियोगिता होगी। शाम को विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों की प्रस्तुति होगी। 28 अक्टूबर को स्कूली छात्र-छात्राओं की समूहगान प्रतियोगिता के साथ शाम को सौरभ मैठाणी, गजेंद्र राणा, बिशन हरियाला, रेशमा शाह और मंजू रतूड़ी गीत प्रस्तुत करेंगे।

29 अक्टूबर को पौराणिक पांडव नृत्य और गैंडा वध का प्रदर्शन होगा। शाम को गढ़वाली कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 30 अक्टूबर को दिव्यांग कलाकारों की ओर से लोकगीतों की प्रस्तुति और शाम को गढ़वाली रामलीला का मंचन होगा।

31 अक्टूबर को महिला और पुरुष वर्ग की खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। शाम को गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, संगीता ढौंडियाल, रमेश बाबू गोस्वामी, सनी दयाल और संतोष खेतवाल प्रस्तुति देंगे। एक नवंबर को उत्तरकाशी के दल की ओर से लोकगीत और लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। शाम की सांस्कृतिक संध्या में पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, मीना राणा, विवेक नौटियाल, खुशी जोशी और मनोज सागर प्रस्तुति देंगे।

समापन दिवस दो नवंबर को सुबह उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोकगाथा ‘चक्रव्यूह’ का मंचन किया जाएगा। शाम को सांस्कृतिक संध्या में किशन महिपाल, दर्शन फर्स्वाण, हेमा करासी नेगी, दीपा नगरकोटी और नरेश बादशाह प्रस्तुति देंगे।

कौथिग में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पहाड़ी उत्पादों, हस्तशिल्प, पहाड़ी व्यंजनों और अन्य उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे। बच्चों के मनोरंजन के लिए भी विभिन्न साधन उपलब्ध रहेंगे। प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया जाएगा।

कौथिग के मुख्य प्रायोजकों में उत्तराखंड सरकार, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय और ओएनजीसी शामिल हैं। सह प्रायोजकों में उत्तराखंड पर्यटन विभाग, भारतीय स्टेट बैंक, सूचना विभाग, देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय, भारतीय जीवन बीमा निगम, संस्कृति विभाग, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय, बैंक ऑफ बड़ौदा और माया देवी विश्वविद्यालय सहित अन्य संस्थाएं शामिल हैं।

प्रेस वार्ता में सभा की उपाध्यक्ष निर्मला बिष्ट, महासचिव गजेंद्र भंडारी, सहसचिव संतोष कुमार गैरोला, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र असवाल, सांस्कृतिक सचिव पंडित उदय शंकर भट्ट, प्रचार सचिव अजय जोशी, महिला कल्याण सचिव संगीता ढौंडियाल, संगठन सचिव डॉ. सूर्य प्रकाश भट्ट, साहित्यिक सचिव डॉ. मुनि राम सकलानी और प्रबंध सचिव वीरेंद्र असवाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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