
युवा आयोग और अग्निवीर सेल से सुरक्षित होगा युवाओं का भविष्य, देहरादून में बनेगी देश की पांचवीं साइंस सिटी
काशीपुर 19 सितंबर ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए अपना घर और पहाड़ छोड़कर बाहर जाने की मजबूरी न हो। सरकार राज्य में ही बेहतर शिक्षा, रोजगार, कौशल, स्वास्थ्य और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि युवा उत्तराखंड की विकास यात्रा के असली कर्णधार हैं और उनकी प्रतिभा को अवसर देने के लिए सरकार लगातार नए मंच तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री शनिवार को काशीपुर के एक निजी होटल में आयोजित युवा विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं से संवाद कर रहे थे। कार्यक्रम में 17 विद्यालयों के 1400 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के विचार और सुझाव सुने तथा विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। इस संकल्प को पूरा करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। युवाओं में नया विजन, अलग ढंग से सोचने की क्षमता और कुछ कर गुजरने का जुनून है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सरकार ने ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ को लेकर युवाओं से सुझाव मांगे थे। विद्यार्थियों के सुझावों से यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि उत्तराखंड का भविष्य प्रतिभाशाली और जागरूक युवाओं के हाथों में सुरक्षित है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड छोटा राज्य जरूर है, लेकिन यहां के युवाओं के सपने बड़े हैं। आने वाले समय में प्रदेश के युवा वैज्ञानिक, शिक्षक, खिलाड़ी बनने के साथ ही अपना उद्यम और स्टार्टअप भी स्थापित करेंगे। सरकार का प्रयास है कि युवा केवल रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं और सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी आधारित पाठ्यक्रम लागू किया गया है। वर्चुअल कक्षा नेटवर्क का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। छात्राओं को नंदा गौरा योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को विज्ञान और नई तकनीक से जोड़ने के लिए देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी विकसित की जा रही है। प्रदेश में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों, एसटीईएम प्रयोगशालाओं और बाल विज्ञान कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और व्यावहारिक सीख को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर जिले में प्रौद्योगिकी केंद्र विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को बदलती जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में औद्योगिक और रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं, ताकि बेहतर भविष्य के लिए युवाओं को अपना घर और पहाड़ छोड़ने की मजबूरी न हो। खेलों के क्षेत्र में भी विश्वस्तरीय खेल नीतियों और खेल परिसरों के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा आयोग युवाओं की पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और सरकारी सेवाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ‘सपनों का उत्तराखंड’ से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा उत्तराखंड बनाना चाहती है, जहां युवाओं को शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए पलायन न करना पड़े। इसके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर संपर्क सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। किसानों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने पर भी सरकार काम कर रही है, ताकि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
अग्निवीरों के भविष्य से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उनके भविष्य को लेकर गंभीर है। अग्निवीरों को आगे बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अग्निवीर सेल का गठन किया जा रहा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और प्रौद्योगिकी से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता चुनौती के साथ एक बड़ा अवसर भी है। युवाओं को आधुनिक तकनीक से परिचित होना चाहिए और बदलते समय के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नए शोधों ने अनेक कठिन कार्यों को आसान बनाया है।
भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से कहा कि यदि कोई व्यक्ति काम के बदले रिश्वत मांगता है या अनुचित दबाव बनाता है तो टोल फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायतों की जांच के लिए विशेष टीमों द्वारा कार्रवाई की जाती है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने और अपने साथियों को भी नशे से बचाने का आह्वान किया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सीखने और आगे बढ़ने की इच्छा व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचा सकती है। उन्होंने युवाओं से मेहनत, पढ़ाई और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, मेयर दीपक बाली, दायित्वधारी उत्तम दत्ता, फरजाना बेगम, मनजीत सिंह राजू, सुरेंद्र सिंह नामधारी, मुकेश कुमार, जिलाध्यक्ष मनोजपाल, खिलेंद्र चौधरी, मोहनपाल, गुरविंदर सिंह चंडोक, एसएसपी अजय गणपति समेत अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।








