
नई दिल्ली 29 मई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 1,87,105 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया है। यह अब तक की सर्वाधिक बिक्री है, जो ग्रामीण भारत की बढ़ती उद्यमशीलता, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रमाण मानी जा रही है।
नई दिल्ली स्थित गांधी दर्शन, राजघाट कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 के अनंतिम आंकड़े जारी करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 की तुलना में बिक्री में 501 प्रतिशत, उत्पादन में 380 प्रतिशत तथा रोजगार सृजन में 56 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 26,109 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1,25,296 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं बिक्री 31,154 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,87,105 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
खादी वस्त्र क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2013-14 में 811 करोड़ रुपये का उत्पादन बढ़कर 3,974 करोड़ रुपये हो गया, जबकि बिक्री 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,869 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ अभियानों का सकारात्मक प्रभाव खादी की बढ़ती मांग में साफ दिखाई दे रहा है।
ग्रामोद्योग क्षेत्र में भी रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। वर्ष 2013-14 में ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 25,298 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1,21,322 करोड़ रुपये हो गया। वहीं बिक्री 30,073 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,79,236 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी केवीआईसी ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2013-14 में जहां 1.30 करोड़ लोगों को रोजगार मिला था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.04 करोड़ हो गया है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत वित्त वर्ष 2025-26 में 66,494 नई इकाइयों की स्थापना की गई। इन इकाइयों के लिए 7,375 करोड़ रुपये के ऋण के विरुद्ध 2,457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई, जिससे 7.31 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी केवीआईसी की भूमिका अहम रही है। वर्ष 2025-26 में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत 79,682 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें 47,382 महिलाएं शामिल रहीं। पीएमईजीपी के तहत 28,180 महिला उद्यमियों ने नई इकाइयां स्थापित कीं, जिनसे 3.09 लाख महिलाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए।
केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रभावी नेतृत्व, महात्मा गांधी की प्रेरणा और देशभर के करोड़ों कारीगरों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि खादी आज केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और ग्रामीण समृद्धि का प्रतीक बन चुकी है।






