
देहरादून, 21 मई। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के गणेशपुर–देहरादून सेक्शन पर ढलान स्थिरीकरण कार्य के चलते 22 मई से यातायात डायवर्जन योजना लागू की जाएगी। यह व्यवस्था 8 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। यह जानकारी भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) देहरादून द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कार्य कराया जा रहा है। इसके तहत पहाड़ी ढलानों की स्केलिंग और अतिरिक्त मलबा हटाने का कार्य किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान भूस्खलन और पत्थर गिरने की आशंका को कम किया जा सके।
योजना के अनुसार हाईवे के लगभग 1.250 किलोमीटर हिस्से पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा। देहरादून की ओर जाने वाले वाहनों को किलोमीटर 14+650 पर बाएं कैरिजवे से दाएं कैरिजवे पर डायवर्ट किया जाएगा और करीब 1.250 किमी तक यातायात दाएं कैरिजवे से संचालित होगा। इसके बाद किलोमीटर 15+900 पर वाहनों को पुनः बाएं कैरिजवे पर स्थानांतरित किया जाएगा।
वहीं दिल्ली और सहारनपुर की ओर जाने वाले वाहनों को डाट काली टनल पार करने के बाद पुराने हाईवे मार्ग पर डायवर्ट किया जाएगा। लगभग 1.3 किलोमीटर पुराने मार्ग का उपयोग करने के बाद यातायात को पुनः मुख्य कॉरिडोर पर लाया जाएगा।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और यात्रियों को मार्गदर्शन देने के लिए 24 घंटे फ्लैगमैन तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा, कार्य के लिए आवश्यक अतिरिक्त वन भूमि भी डायवर्ट की गई है और लक्ष्य वर्षा ऋतु से पहले कार्य पूर्ण करने का है।
यह परियोजना भारतमाला परियोजना के अंतर्गत उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में एनएच-72ए के गणेशपुर से आशारोड़ी तक छह-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे निर्माण से संबंधित है। पहाड़ी क्षेत्र में बने इस मार्ग पर पहले ही संवेदनशील स्थानों पर स्टोन कैचर लगाए जा चुके हैं, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके।







