लालकिला मैदान में 24 मई को होगा जनजातीय महाकुंभ

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देहरादून 18 मई।महान जननायक बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 24 मई को लाल किला मैदान, नई दिल्ली में राष्ट्रीय जनजातीय सांस्कृतिक समागम “तू मैं—एक रक्त” का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर की 500 से अधिक जनजातियों के लगभग डेढ़ लाख प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है।

आयोजकों के अनुसार उत्तराखंड की पांच जनजातियों से करीब 2000 प्रतिनिधि भी इस महा-समागम में भाग लेंगे। सभी प्रतिभागी अपने-अपने खर्च पर दिल्ली पहुंच रहे हैं, जो इस आयोजन के प्रति जनजातीय समाज की गहरी आस्था और उत्साह को दर्शाता है।
समागम का मुख्य आकर्षण भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा होगी, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा में सजे जनजातीय महिला-पुरुष देश के विभिन्न हिस्सों से निकलकर अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन करेंगे। ये शोभायात्राएं पांच अलग-अलग स्थानों से प्रारंभ होकर लाल किले पर एकत्रित होंगी, जहां एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा।
इस अवसर पर अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का मुख्य संदेश “तू मैं एक रक्त, वनवासी-ग्रामवासी-नगरवासी, हम सब भारतवासी” रखा गया है, जो सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को सशक्त करने का संदेश देता है।
आयोजन के प्रमुख उद्देश्यों में भगवान बिरसा मुंडा की विरासत का स्मरण, जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार, सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना शामिल है।
आयोजकों ने बताया कि दिल्ली में इस विशाल आयोजन के लिए आवास, भोजन, यातायात, चिकित्सा, सुरक्षा और स्वच्छता जैसी व्यवस्थाओं के लिए 20 विभागों और कई समितियों का गठन किया गया है, ताकि लाखों आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।कार्यक्रम संयोजक भारत सिंह रावत, जोगेन्द्र सिंह पुंडीर, दिनेश रावत, रमेश नेगी और आनंद ने मीडिया से अपील की है कि इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन को व्यापक रूप से कवर कर जनजातीय संस्कृति के इस महापर्व को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करें।

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