चम्पावत के 12 घराटों को मिलेगा नया जीवन, ₹58.11 लाख स्वीकृत

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चम्पावत, 18 मार्च । मुख्यमंत्री की पहल पर जनपद चम्पावत में पारंपरिक जल चक्कियों (घराटों) के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार ने ‘मिसिंग लिंक फंड’ के तहत 12 घराटों के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए ₹58.11 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित “Funding for Faster Implementation of Important Projects including Missing Link Projects” कार्यक्रम के तहत हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में राज्य की विभिन्न लंबित अवस्थापना परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी मनीष कुमार ने चम्पावत के 12 घराटों के पुनरोद्धार का प्रस्ताव समिति के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए अन्य मदों से बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा था, जिसके चलते इन्हें ‘मिसिंग लिंक’ परियोजनाओं के रूप में चिन्हित किया गया।

समिति ने प्रस्ताव के महत्व को देखते हुए—विशेषकर स्थानीय आर्थिकी, पारंपरिक आजीविका और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के दृष्टिकोण से—इस पर सहमति जताई और धनराशि स्वीकृत की।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस पहल से न केवल पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों का संरक्षण होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। घराटों के पुनर्जीवन से आटा पिसाई जैसी पारंपरिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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