नई दिल्ली, 16 मार्च। केंद्र सरकार ने सरकार की ओर से गेहूं और धान की खरीद में लगे आढ़तियों तथा सहकारी समितियों को दिए जाने वाले कमीशन की दरों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। नई दरें रबी विपणन सत्र 2026–27 से लागू होंगी।
उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार मौजूदा खरीद दिशानिर्देशों के तहत वे समितियां, सहकारी संस्थाएं, उप-एजेंट और आढ़ती जो सरकार की ओर से गेहूं और धान की खरीद करते हैं, उन्हें खरीद प्रक्रिया में मध्यस्थता और एकत्रीकरण से जुड़ी सेवाओं के लिए कमीशन दिया जाता है।
राज्य सरकारों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर कमीशन दरों की समीक्षा के लिए एक उप-समिति गठित की गई थी, जिसमें भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई), राज्य सरकारों और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के प्रतिनिधि शामिल थे। समिति की सिफारिशों के बाद केंद्र सरकार ने कमीशन ढांचे में संशोधन को मंजूरी दी।संशोधित दरों के अनुसार पंजाब और हरियाणा में गेहूं खरीद पर आढ़तियों का कमीशन 46 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 50.75 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वहीं राजस्थान में गेहूं पर कमीशन 41.40 रुपये से बढ़ाकर 45.67 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। धान की खरीद पर कमीशन 45.88 रुपये से बढ़ाकर 50.61 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।सहकारी समितियों के लिए भी कमीशन में वृद्धि की गई है। गेहूं की खरीद पर उनका कमीशन 27 रुपये से बढ़ाकर 29.79 रुपये प्रति क्विंटल और धान की खरीद पर 32 रुपये से बढ़ाकर 35.30 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आधुनिक साइलो में होने वाली खरीद के लिए कमीशन मंडियों में लागू दर का 50 प्रतिशत रहेगा।सरकार के अनुसार कमीशन दरों में यह संशोधन खरीद व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाए रखने और सरकार की ओर से होने वाली खरीद प्रक्रिया में शामिल एजेंसियों को सहयोग देने के उद्देश्य से किया गया है।








