देहरादून, 01 दिसम्बर 2025।
वैकुण्ठ एकादशी एवं 5162वीं गीता जयंती के पावन अवसर पर उत्तराखंड राज्य नेपाली भाषा समिति की ओर से सोमवार को गोर्खाली सुधार सभा के मानेकशा सभागार में सामूहिक गीता वाचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और पुष्प अर्पण के साथ हुई।
आचार्य पं. कृष्ण प्रसाद पंथी के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में “श्री कृष्णामृत प्रबोधिनी” (नेपाली श्लोकानुवाद) पुस्तक का सामूहिक पाठ किया गया। भक्तिभाव और उत्साह के साथ संपन्न हुए इस वाचन में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज, नेपाली समुदाय एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने कहा कि गीता का अध्ययन जीवन को दिशा देता है और सभी को अपने घर-परिवार में नियमित गीता पाठ करना चाहिए। भारतीय नेपाली ब्राह्मण समिति के अध्यक्ष पं. राम प्रसाद उपाध्याय ने “श्री कृष्णामृत प्रबोधिनी” पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि नेपाली भाषा में गीता का श्लोकानुवाद समुदाय के लिए अत्यंत उपयोगी और सरल है।
उत्तराखंड राज्य नेपाली भाषा समिति के अध्यक्ष मधुसूदन शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस आयोजन को और व्यापक स्तर पर किया जाएगा ताकि सनातन धर्म, परंपरा और संस्कृति के संरक्षण को बढ़ावा मिले। कार्यक्रम संचालन पूजा सुब्बा चंद ने किया।
कार्यक्रम के अंत में भगवान की आरती, ब्राह्मण धर्मगुरुओं का तिलक एवं प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर “श्री कृष्णामृत प्रबोधिनी” पुस्तक का निःशुल्क वितरण भी किया गया । इस अवसर पर आचार्य पं. रामप्रसाद पंथी, आचार्य पं. कृष्ण प्रसाद पंथी, राम प्रसाद उपाध्याय, खगेश्वर प्रसाद पंथी, पदम प्रसाद पंथी, गोविंद प्रसाद पंथी, बलराम उपाध्याय, जगदीश खनाल, राम जी पौडेल, कर्नल डी. एस. खड़का, बी. के. बराल, गोपाल सिंह छेत्री, राजेंद्र मल्ल, संजय थापा, सुशील भंडारी, उदय ठाकुर, नील कमल चंद, ज्योति कोटिया, शांता पंथी, कविता गुरुंग, पूर्णिमा प्रधान, पीएन शेर्पा, अशोक बल्लभ, पूजा सुब्बा चंद आदि उपस्थित रहे।









