
राज्यपाल बोले – स्वदेशी ही आत्मनिर्भर भारत का मंत्र, युवा बनें तकनीक और नवाचार के अगुआ
मुख्यमंत्री धामी ने की 11 घोषणाएँ — ड्रग्स फ्री देवभूमि से लेकर केदारखण्ड माला मिशन तक
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देहरादून 7 नवंबर।उत्तराखण्ड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर शुक्रवार को पुलिस लाइन देहरादून में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने रैतिक परेड की सलामी ली, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की प्रगति और नए संकल्पों की रूपरेखा प्रस्तुत की। समारोह में आठ महानुभावों को उत्तराखण्ड गौरव सम्मान-2025 से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् गीत से हुई, जो इस वर्ष अपने 150 वर्ष पूर्ण कर रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने ‘उत्तराखण्ड पुलिस पत्रिका-2025’ का विमोचन किया और रजत जयंती पदक का प्रतीकात्मक चिन्ह भी जारी किया।
पुलिस के शौर्य का शानदार प्रदर्शन
परेड के दौरान पुलिस कर्मियों ने अनुशासन और दक्षता की मिसाल पेश की। विशेष रूप से मोटरसाइकिल दल के साहसिक करतबों ने दर्शकों का मन मोह लिया। राज्यपाल ने ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ और ‘पुलिस पदक’ से सम्मानित अधिकारियों को अलंकृत किया।
इन हस्तियों को मिला उत्तराखण्ड गौरव सम्मान
राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘उत्तराखण्ड गौरव सम्मान’ से इस वर्ष जिन विभूतियों को सम्मानित किया गया, उनमें शामिल हैं —
पद्मश्री निशानेबाज जसपाल राणा, उद्यमी देव रतूड़ी, अभिनेता एवं लेखक स्व. टॉम ऑल्टर, राज्य आंदोलनकारी स्व. सुशीला बलूनी, चिपको आंदोलन की जननी स्व. गौरा देवी, भूवैज्ञानिक स्व. खड़ग सिंह वल्दिया, वीरांगना स्व. तीलू रौतेली और लेखक स्व. शैलेश मटियानी।
अनुपस्थित विभूतियों की ओर से उनके परिजनों ने सम्मान ग्रहण किया।
“खरीदें वही वस्तुएं जिनमें अपने लोगों का परिश्रम हो” — राज्यपाल
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने इस अवसर पर कहा कि “जैसे स्वदेशी के मंत्र से आजादी मिली, वैसे ही स्वदेशी से समृद्धि भी संभव है।” उन्होंने आह्वान किया कि लोग ‘मेड इन इंडिया’ वस्तुओं को प्राथमिकता दें और युवाओं से तकनीक, नवाचार तथा स्टार्टअप में अग्रणी बनने की अपील की।
उन्होंने कहा कि “विकसित उत्तराखण्ड, विकसित भारत 2047” का लक्ष्य युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा से ही साकार होगा।
मुख्यमंत्री धामी की 11 बड़ी घोषणाएँ
राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं —
1. आगामी पांच वर्षों में प्रदेश की सम्पूर्ण कृषि भूमि का फेजवाइज सर्वेक्षण कर बंदोबस्त कराया जाएगा।
2. साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए स्टेट साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर की स्थापना।
3. ड्रग्स फ्री देवभूमि के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का विस्तार।
4. विद्यालयों में कार्यरत भोजन माताओं के लिए कल्याण कोष की स्थापना।
5. फसलों की सुरक्षा के लिए फार्म फेंसिंग पॉलिसी लाई जाएगी।
6. पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु विशेष संवर्धन योजना शुरू होगी।
7. उच्च शिक्षा संस्थानों में ऑनलाइन स्किल कोर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन कोचिंग सुविधा।
8. केदारखण्ड माला मिशन की शुरुआत।
9. आदर्श रुद्रप्रयाग जनपद का विकास।
10. स्प्रिचुअल इकोनॉमिक जोन के रूप में शारदा कॉरिडोर, आदि कैलाश, अंजनीसैंण और बेलाकेदार क्षेत्र का विकास।
11. प्रत्येक जिला अस्पताल में टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक और 15 वर्ष तक के बच्चों की मुफ्त स्क्रीनिंग।
“उत्तराखण्ड पुलिस राज्य की आत्मा की प्रहरी” — मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस ने आपदाओं, चुनौतियों और अपराधों से निपटने में अनुकरणीय कार्य किया है। महिला अपराधों और पोक्सो मामलों के निस्तारण में प्रदेश देश में पांचवें स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश ने पिछले चार वर्षों में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल की हैं। किसानों की आय वृद्धि में उत्तराखण्ड देश में प्रथम स्थान पर रहा है और राज्य की ग्रोथ रेट राष्ट्रीय औसत से चार गुना अधिक है।
“मातृशक्ति रही है उत्तराखण्ड की रीढ़”
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन से लेकर आज तक मातृशक्ति विकास की सशक्त धुरी रही है। स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप्स के माध्यम से महिलाएं आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही हैं।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, खजान दास, दुर्गेश्वर लाल, मेयर सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।








