34 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि Land Port Authority of India को हस्तांतरित, व्यापार और सुरक्षा को मिलेगी नई गति
देहरादून, 14 अक्टूबर।
उत्तराखंड के चंपावत जनपद के बनबसा क्षेत्र में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (Integrated Check Post – ICP) बनने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए वन भूमि विचलन को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह स्वीकृति वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 की धारा-2 के अंतर्गत दी गई है।
इस परियोजना के लिए कुल 34 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि को लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (Land Port Authority of India) के पक्ष में विचलित किया गया है। यह भूमि तराई पूर्व वन प्रभाग, हल्द्वानी के अंतर्गत चैनी कम्पार्टमेंट-14, बनबसा (पूर्णागिरी तहसील, जिला चंपावत) में स्थित है।
वन भूमि विचलन की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद अब इस परियोजना के निर्माण कार्य को गति मिलने की संभावना है। सीमा पर प्रस्तावित यह इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट न केवल भारत-नेपाल के बीच व्यापारिक गतिविधियों को सशक्त करेगा बल्कि सीमा प्रबंधन और सुरक्षा के लिहाज से भी यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि चंपावत के बनबसा बॉर्डर पर बनने वाला यह चेक पोस्ट उत्तराखंड में अपनी तरह का पहला एकीकृत जांच चौकी होगा, जिसमें सीमा शुल्क, आव्रजन, सुरक्षा और व्यापार से जुड़ी सभी एजेंसियों को एक ही परिसर में काम करने की सुविधा मिलेगी।
इस परियोजना से क्षेत्रीय स्तर पर व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर इसे सीमांत क्षेत्रों के आर्थिक और रणनीतिक विकास की दिशा में केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।








