अब सोर में भी चश्मे से मिलेगी मुक्ति

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सीमांत नेत्र चिकित्सालय में शुरू हुई आधुनिक LASIK सुविधा

पहाड़ी जिलों में पहली LASIK मशीन का शुभारंभ, पिथौरागढ़ में ही मिलेगा लेजर दृष्टि सुधार का विकल्प

पिथौरागढ़ 2 नवंबर ।सीमांत क्षेत्र में आधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। सीमांत सेवा फाउंडेशन द्वारा संचालित डॉ. लीलाधर भट्ट सीमांत नेत्र चिकित्सालय में सोमवार को पहाड़ी जिलों की पहली LASIK मशीन का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही पिथौरागढ़ और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को चश्मे पर निर्भरता कम करने के लिए आधुनिक लेजर उपचार की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो गई है।

कार्यक्रम का शुभारंभ पिथौरागढ़ नगर निगम की महापौर कल्पना देवलाल और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेएस चुफाल ने किया। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक वतन जी भी मौजूद रहे।

LASIK आधुनिक लेजर तकनीक पर आधारित प्रक्रिया है, जिसमें कॉर्निया के आकार में नियंत्रित बदलाव कर निकट दृष्टिदोष, दूर दृष्टिदोष और कुछ मामलों में दृष्टिवैषम्य जैसी समस्याओं को ठीक करने का प्रयास किया जाता है। इससे कई मरीजों की चश्मे पर निर्भरता कम हो सकती है। हालांकि, यह प्रक्रिया सभी लोगों के लिए उपयुक्त नहीं होती और इसके लिए आंखों की विस्तृत जांच के बाद विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह जरूरी है।

अब तक सीमांत क्षेत्र के लोगों को LASIK जैसी सुविधा के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। पिथौरागढ़ में मशीन शुरू होने से अब उन्हें अपने क्षेत्र में ही आधुनिक लेजर दृष्टि सुधार उपचार का विकल्प मिल सकेगा। इसका लाभ पिथौरागढ़ के अलावा चंपावत, अल्मोड़ा और बागेश्वर सहित आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को भी मिल सकेगा।

तीन साल में एक लाख से अधिक मरीजों की जांच

सीमांत सेवा फाउंडेशन ने वर्ष 2016 में सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिविरों के माध्यम से अपनी सेवा यात्रा शुरू की थी। अक्टूबर 2023 में पिथौरागढ़ में डॉ. लीलाधर भट्ट सीमांत नेत्र चिकित्सालय की स्थापना की गई। अस्पताल का उद्देश्य सीमांत और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आदित्य अग्रवाल के नेतृत्व में अस्पताल में आधुनिक जांच और उपचार सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। दिल्ली से पिथौरागढ़ आकर पिछले तीन वर्षों से मरीजों का उपचार कर रहे डॉ. अग्रवाल के नेतृत्व में अब तक 500 से अधिक निःशुल्क नेत्र शिविर, 10 हजार से अधिक सर्जरी और एक लाख से अधिक मरीजों की आंखों की जांच किए जाने की जानकारी दी गई है।

फाउंडेशन की ओर से पिथौरागढ़ के 104 दूरस्थ गांवों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं और विभिन्न क्षेत्रों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। हल्द्वानी के लामाचौड़ में सीमांत पॉलीक्लिनिक तथा आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर स्थानीय निवासियों, तीर्थयात्रियों और सुरक्षा कर्मियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में बनबसा स्थित सीमांत पब्लिक स्कूल के माध्यम से भी संस्था कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में दीवान सिंह वल्दिया, राजेंद्र देवलाल, ललित पंत, डॉ. आदित्य अग्रवाल, डॉ. सिद्धार्थ पाटनी, सेवा भारती के देवराज सिंह सहित सीमांत नेत्र चिकित्सालय का स्टाफ और क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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