
एक मंच पर दिखेगी उत्तराखंड की विविध लोक संस्कृतियां
देहरादून 22 अक्टूबर। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं को संरक्षण देने के उद्देश्य से ठोऊड़ा महोत्सव-2026 का आयोजन 24 से 27 अक्टूबर तक परेड ग्राउंड देहरादून में किया जाएगा। चार दिवसीय महोत्सव में जौनसारी, गढ़वाली, रवांई-जौनपुर, कुमाऊनी, गोर्खाली और पंजाबी समेत विभिन्न संस्कृतियों की लोक कला, वेशभूषा, लोक नृत्य और संगीत की झलक देखने को मिलेगी।
ठोऊड़ा महोत्सव 2026 आयोजन समिति के अध्यक्ष कुन्दन सिंह चौहान ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि 24 अक्टूबर को ‘संस्कृति बचाओ और स्वच्छता अपनाओ’ संदेश के साथ भव्य सांस्कृतिक यात्रा निकाली जाएगी। परेड ग्राउंड से शुरू होकर गांधी पार्क, घंटाघर और दर्शनलाल चौक होते हुए यात्रा वापस मुख्य सांस्कृतिक मंच पर पहुंचेगी। इसमें करीब दो हजार छात्र-छात्राओं और लोक कलाकारों के शामिल होने की संभावना है। 51 ढोल, 11 रणसिंघे और दमाऊ की गूंज के बीच विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में अपनी लोक संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे।
महोत्सव में ठोऊड़ा नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। जौनसार-हिमाचल और सिरमौर क्षेत्र में प्रचलित इस पारंपरिक नृत्य का संबंध कौरव-पांडवों के खेल से बताया जाता है। तीर-कमान के साथ होने वाले इस आयोजन में करीब 14 फीट ऊंचे बांस से बने हाथी का भी प्रदर्शन किया जाता है, जिसे बिरूड़ी नृत्य के रूप में भी जाना जाता है। इस दौरान अखरोट और मूड़ी मिठाई प्रसाद के रूप में वितरित करने की परंपरा भी है।
24 अक्टूबर की शाम महोत्सव के सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन की संस्थापक गीता धामी द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज समेत अन्य मंत्री, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और अधिकारी भी शामिल होंगे। 25 से 27 अक्टूबर तक भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।महोत्सव का आयोजन संयोजक एवं अध्यक्ष कुंदन सिंह चौहान और उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है। प्रेस वार्ता में शर्मिष्ठा कफलिया, हंसा धामी, बिनीता बिजवाण, गायक मनोज सिंह सामंत, प्रशांत नेगी, विजय नेगी, सन्नी दयाल, नरेश बासा, बंदना बिष्ट, राजेन्द्र सिंह बिष्ट, नरेश साह, महिपाल देयोपा और नेहा शर्मा, डाक्टर लक्ष्समण बिष्ट उपस्थित रहे।









