सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता: मकवाना

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें


देहरादून 28 सितंबर। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने सोमवार को बीजापुर गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक कर सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मकवाना ने कहा कि सफाई कर्मचारी और पर्यावरण मित्र शहरों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा प्रशासन और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र सफाई कर्मचारियों को सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से दिलाया जाए और आयोग के निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी पर्यावरण मित्र को सेप्टिक टैंक या सीवर में मैनुअल तरीके से प्रवेश न करना पड़े। इसके लिए आधुनिक मशीनों, रोबोटिक तकनीक और अन्य यांत्रिक संसाधनों का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने मैनहोल को ‘मशीन होल’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य करने के निर्देश दिए।

अध्यक्ष ने पर्यावरण मित्रों को सफाई कार्य, सुरक्षा मानकों और आपात परिस्थितियों से निपटने का नियमित प्रशिक्षण देने तथा गुणवत्तापूर्ण पीपीई किट उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने पर्यावरण मित्रों की वेतन व्यवस्था की समीक्षा कर वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजने और न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही वेतन और अन्य देयकों का समय पर भुगतान तथा सफाई उपकरणों और सुरक्षा सामग्री के लिए पर्याप्त बजट प्रावधान सुनिश्चित करने को कहा।

मकवाना ने सफाई कर्मचारियों के लिए जीवन और स्वास्थ्य बीमा की सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा अधिक से अधिक कर्मचारियों को इनसे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने सफाई कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा के लिए सहायता और फंड की व्यवस्था का प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा।

उन्होंने राष्ट्रीय मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र (नमस्ते) योजना से अधिक से अधिक पर्यावरण मित्रों को जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सफाई कार्य को सुरक्षित बनाने के साथ ही कर्मचारियों और उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। उन्होंने परिजनों को स्वरोजगार और कौशल विकास योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा सभी पात्र सफाई कर्मचारियों को पहचान पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। योजनाओं की नियमित समीक्षा कर उनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अपर सचिव एवं निदेशक शहरी विनोद गिरि गोस्वामी, एडीएम केके मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें