धामी सरकार पर कांग्रेस का भूमि और संपत्तियों को लेकर हमला

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कांग्रेस ने रुद्रप्रयाग के तीन निरीक्षण भवनों समेत सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में देने का लगाया आरोप

देहरादून 16 सितंबर ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन पर कांग्रेस ने प्रदेशभर में सरकारी भूमि और संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने के मुद्दे को लेकर देहरादून में महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रदेश महामंत्री संगठन राजेंद्र भंडारी और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

डॉ. जसविंदर सिंह गोगी ने आरोप लगाया कि रुद्रप्रयाग जिले के दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित लोक निर्माण विभाग के महत्वपूर्ण निरीक्षण भवनों को सरकार निजी हाथों में देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर भूमि की उपलब्धता सीमित होने के कारण ये संपत्तियां महत्वपूर्ण हैं और केदार घाटी की धरोहर से जुड़ी हुई हैं।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास बोर्ड के माध्यम से सरकारी भूमि और संपत्तियों को दीर्घकालीन अवधि के लिए निजी क्षेत्र को देने की प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस के आरोपों के बीच यूआईआईडीबी की आधिकारिक वेबसाइट पर नैनीताल के पटवाडांगर में प्रीमियम आतिथ्य परियोजना के लिए भूमि आवंटन तथा हरिद्वार के अलकनंदा होटल और ऋषिकेश लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह के पुनर्विकास के लिए निविदाएं दर्ज हैं।
राजेंद्र भंडारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूआईआईडीबी को सरकारी विभागों की करीब 1200 एकड़ भूमि से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जबकि कई अन्य प्रस्ताव लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की योजना सरकारी भूमि और संपत्तियों को दीर्घकालीन पट्टे पर निजी क्षेत्र को देने की है। कांग्रेस ने दावा किया कि ऐसी व्यवस्था में लंबी अवधि पूरी होने के बाद पट्टाधारकों के अधिकारों को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग के करीब 25 निरीक्षण भवनों और पर्यटन विभाग के कुछ होटलों को भी निजी हाथों में देने का सैद्धांतिक निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारी भूमि और संपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने के विरोध में राज्यभर में आंदोलन करेगी।
कांग्रेस नेताओं ने मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट का भी उल्लेख किया। उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार 142 एकड़ क्षेत्र में साहसिक पर्यटन परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया हुई थी और परियोजना एक करोड़ रुपये वार्षिक शुल्क पर दी गई थी। इस परियोजना को लेकर बाद में निविदा प्रक्रिया और संबंधित कंपनियों के बीच संबंधों पर भी सवाल उठे हैं।
कांग्रेस ने राज्य की भूमि कानून व्यवस्था में हुए बदलावों का भी मुद्दा उठाया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने औद्योगिक, होटल और शिक्षण संस्थानों जैसे प्रयोजनों के लिए खरीदी गई भूमि के उपयोग और उसके बाद प्लॉटिंग से जुड़े प्रावधानों को आसान बनाया है। कांग्रेस का कहना है कि अब सरकारी विभागों की महत्वपूर्ण भूमि और संपत्तियों को भी निजी हाथों में जाने से बचाने के लिए पार्टी आंदोलन करेगी।
कांग्रेस ने घोषणा की कि रुद्रप्रयाग में जिला कांग्रेस कार्यकर्ता दुग्गल बिट्ठा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित निरीक्षण भवनों पर रक्षा सूत्र बांधकर अभियान शुरू करेंगे। पार्टी ने कहा कि केदार घाटी की भूमि और सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में जाने से रोकने के लिए राज्यभर में आंदोलन चलाया जाएगा।

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