
कुमाऊं-नागा रेजीमेंट के आश्रितों के लिए खुला उच्च शिक्षा का नया द्वार, सैनिक परिवारों को 40 प्रतिशत तक फीस में छूट
रानीखेत 6 सितंबर। कुमाऊं एवं नागा रेजीमेंट के सैनिकों और उनके परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। CIMS एवं UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, देहरादून और कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर, रानीखेत के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस पहल के तहत सैनिक परिवारों के युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा।
एमओयू के तहत पात्र वीर नारियों, वीर माताओं तथा बलिदानी सैनिकों के आश्रितों को संस्थान के पात्र पाठ्यक्रमों में 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट दी जाएगी। वहीं सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैनिकों, अग्निवीरों तथा उनके आश्रितों को 40 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट का प्रावधान किया गया है।
CIMS एवं UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में नर्सिंग, पैरामेडिकल, फार्मेसी, लॉ, मैनेजमेंट और होटल मैनेजमेंट सहित 30 से अधिक प्रोफेशनल एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विजयंत महाडिक ने कहा कि अच्छी शिक्षा और सही समय पर मिलने वाला अवसर किसी भी युवा के जीवन की दिशा बदल सकता है। सैनिक परिवारों के बच्चों के लिए यह पहल इसी सोच की दिशा में एक छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि संस्थान में ऐसे अनेक प्रोफेशनल पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें प्रशिक्षित युवाओं की मांग देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी है। उन्होंने बताया कि हाल ही में गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट और भारतीय सेना के साथ भी संस्थान के एमओयू हुए हैं। अब कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर के साथ हुए इस समझौते से सैनिक परिवारों के लिए शिक्षा के अवसर और व्यापक होंगे।
ब्रिगेडियर महाडिक ने संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कुमाऊं एवं नागा रेजीमेंट के सैनिकों और उनके आश्रितों से इस शैक्षिक सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
CIMS एवं UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के चेयरमैन एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि सैनिक परिवारों की सेवा करना संस्थान के लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है। देश की रक्षा में समर्पित सैनिकों के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा, कौशल और भविष्य को मजबूत करने के ठोस प्रयासों में दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह एमओयू सैनिक परिवारों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर, सक्षम और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
1,400 से अधिक अग्निवीरों को दिया नशामुक्ति का संदेश
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष नशामुक्ति जागरूकता अभियान भी चलाया गया। अभियान के तहत 1,400 से अधिक अग्निवीरों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया। वहीं आर्मी पब्लिक स्कूल एवं केंद्रीय विद्यालय, रानीखेत के करीब 500 विद्यार्थियों ने भी अभियान में सहभागिता की।
इस दौरान सैन्य अधिकारियों, जवानों, अग्निवीरों, विद्यार्थियों और उनके परिवारों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन अपनाने की शपथ दिलाई गई।
सजग इंडिया के अध्यक्ष एवं शिक्षाविद ललित जोशी ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना समाज की सामूहिक और नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेल, फिटनेस और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने तथा नशे से पूरी तरह दूर रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में कुमाऊं रेजीमेंटल सेंटर के डिप्टी कमांडेंट कर्नल मोहित वर्मा, कर्नल शशांक, लेफ्टिनेंट कर्नल गजेन्द्र सिंह उपरारी, लेफ्टिनेंट कर्नल अभिनव, मेजर अमन, CIMS एवं UIHMT ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल जे.एस. नेगी सहित करीब 300 सैन्य अधिकारी, जवान, अग्निवीर, विद्यार्थी एवं उनके परिवारजन उपस्थित रहे।









