एआई+ यूजर्स को डेटा और प्राइवेसी पर मिलेगा ज्यादा कंट्रोल

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भारत में सुरक्षित रहेगा कोर डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और सोर्स कोड, प्राइवेसी डैशबोर्ड से ऐप परमिशन्स पर होगी नजर

नई दिल्ली 4 सितंबर ।स्मार्टफोन में कौन-सा ऐप यूजर के डेटा का कब और कैसे इस्तेमाल कर रहा है, इसकी जानकारी अब ज्यादा आसान हो सकेगी। एआई+ स्मार्टफोन ने एनएक्सटी क्वांटम ओएस का नया वर्जन 1.1 पेश किया है, जिसके जरिए यूजर्स को अपने डेटा और प्राइवेसी पर ज्यादा जानकारी और कंट्रोल मिलने का दावा किया गया है। कंपनी के अनुसार, इस तकनीक का कोर डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और सोर्स कोड भारत में ही सुरक्षित रहेगा।

एनएक्सटी क्वांटम शिफ्ट टेक्नोलॉजीस और एआई+ स्मार्टफोन के सीईओ माधव शेठ ने कहा कि टेक्नोलॉजी का भविष्य केवल उसकी क्षमताओं से तय नहीं होता, बल्कि इस बात से तय होता है कि लोग उस पर कितना भरोसा करते हैं।

कंपनी के मुताबिक, एनएक्सटी क्वांटम ओएस 1.1 के तहत ऐप्स से जुड़ा 100 प्रतिशत डेटा ट्रैफिक भारत में मौजूद सर्वर्स के जरिए प्रोसेस किया जाएगा। सिस्टम 1,000 से अधिक कनेक्शन्स और 172 अलग-अलग डेस्टिनेशन आईपी एड्रेस से जुड़े सोर्स रूल्स की ऑटोमैटिक जांच करेगा।

कंपनी ने बताया कि डेटा ट्रैफिक और आईपी पिंग्स भारत के नेटवर्क के भीतर ही रहेंगे। हालांकि, जरूरी गूगल कोर सर्विसेज के लिए कुछ डेटा ट्रैफिक कैलिफोर्निया और सिंगापुर तक जा सकता है।

इस अपडेट के साथ एनएक्सटी प्राइवेसी डैशबोर्ड भी उपलब्ध कराया गया है। इसके जरिए यूजर्स एक ही जगह पर सभी ऐप्स की परमिशन्स देख सकेंगे और जरूरत के अनुसार उन्हें बदल या बंद कर सकेंगे। डैशबोर्ड से यह जानकारी भी मिल सकेगी कि कोई ऐप बैकग्राउंड में कब और फोन के किन फीचर्स को एक्सेस कर रहा है।

कंपनी के अनुसार, जरूरत से अधिक परमिशन के इस्तेमाल की स्थिति में यूजर्स को प्राइवेसी अलर्ट भी मिलेगा। नया अपडेट प्रोजेक्ट ओपन रिव्यू 2.0 का भी हिस्सा है, जिसके तहत रिव्यूअर्स, क्रिएटर्स, पत्रकार और एथिकल हैकर्स एआई+ डिवाइसेस को टेस्ट कर अपना फीडबैक दे सकेंगे।

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