
देहरादून, 19 अगस्त। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में बुधवार को सड़क सुरक्षा से संबंधित अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति, ब्लैक स्पॉट, सड़क सुरक्षा उपायों और जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों के कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक ढंग से विश्लेषण किया जाए। सड़क की डिजाइन, रोड ज्योमेट्री और अन्य तकनीकी कमियों पर विशेष ध्यान देते हुए दुर्घटना संभावित स्थानों पर आवश्यक सुधार किए जाएं। उन्होंने रोड सेफ्टी ऑडिट को प्राथमिकता देने के साथ ही बस अड्डों का भी नियमित ऑडिट कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों का रोड सेफ्टी एवं थर्ड पार्टी ऑडिट कराने तथा ऑडिट में सामने आए सुझावों के आधार पर सुधार कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा। पर्वतीय मार्गों पर क्रैश बैरियर, पैराफिट और अन्य सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के साथ ही अन्य राज्यों की बेहतर सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं का अध्ययन कर उन्हें उत्तराखंड में लागू करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने दोपहिया वाहन चालकों और सवारियों के लिए हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को प्रभावी रूप से सुनिश्चित करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। परिवहन और पुलिस विभाग को प्रवर्तन कार्रवाई की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। साथ ही, उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकें निर्धारित समय पर नियमित रूप से आयोजित करने और प्रत्येक बैठक का कार्यवृत्त संबंधित पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए। सचिव परिवहन को सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमित कार्यों की लगातार निगरानी और विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया।
सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक दो-तीन माह में व्यापक अभियान चलाने, वार्षिक प्रचार-प्रसार प्लान तैयार करने और स्थानीय सिनेमाघरों में सड़क सुरक्षा जागरूकता फिल्मों का प्रदर्शन कराने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस, स्वास्थ्य और परिवहन विभाग को दुर्घटना के बाद रेस्क्यू एवं त्वरित कार्रवाई के लिए संयुक्त वर्कशॉप आयोजित करने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के साथ ही हिट एंड रन के लंबित मामलों की सूची जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में लंबित मामलों की स्वयं समीक्षा कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
शिक्षा और परिवहन विभाग के समन्वय से विद्यालयों में सड़क सुरक्षा क्लब स्थापित कर उन्हें सक्रिय रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए केवल प्रवर्तन पर निर्भर रहने के बजाय सड़क इंजीनियरिंग, वाहन एवं चालक व्यवहार, जन-जागरूकता और दुर्घटना के बाद त्वरित उपचार—सभी पहलुओं पर एक साथ काम करना जरूरी है।
बैठक में सचिव रविनाथ रमन, डॉ. रणवीर सिंह चौहान सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।








