
देहरादून, 15 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया। समारोह का शुभारंभ राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन से हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का सामूहिक गायन हुआ। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले अमर शहीदों, वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया। उन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे सैनिकों, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की तथा उत्तराखंड राज्य निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया और फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने 14 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया, जबकि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 13 खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हाल में आई प्राकृतिक आपदाओं का उल्लेख करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावितों तक जल्द राहत पहुंचाने, घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और जिन लोगों ने अपने घर तथा आजीविका खोई है, उन्हें आवश्यक सहायता देने की है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों, पेयजल और विद्युत लाइनों को जल्द दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 कई मायनों में ऐतिहासिक है। देश स्वतंत्रता के 80वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इसी वर्ष संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती और गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष का स्मरण किया जा रहा है। उन्होंने विभाजन विभीषिका के दौरान अमानवीय यातनाएं झेलने, अपनों को खोने और विस्थापन का दर्द सहने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि दी।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। देश सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, रक्षा उत्पादन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान, अनुसंधान, स्टार्टअप, खेल, योग और आयुर्वेद जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प रखा है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार ने वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, रेल और रोपवे कनेक्टिविटी के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और विभिन्न रोपवे परियोजनाओं से प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, केदारखंड-मानसखंड मंदिर माला मिशन, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना तीर्थ पुनर्विकास और शीतकालीन यात्रा जैसी योजनाओं से प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण के साथ पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है, जबकि इस वर्ष कांवड़ मेले में चार करोड़ से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन के साथ वेलनेस, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के लिए स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है। इन्क्यूबेशन सेंटरों के साथ 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। होम-स्टे योजना और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना से भी युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं। ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ के तहत सरकारी विद्यालयों में कक्षा 11वीं और 12वीं के 10 हजार प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। इसके लिए सात करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
खेलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान के तहत आठ शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल विश्वविद्यालय के निर्माण पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण और किसानों को तीन लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण दिया जा रहा है। कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी और निःशुल्क नहर सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। पिछले पांच वर्षों में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप की संख्या बढ़कर करीब 1,750 हो गई है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों के इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता, सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय सरकार ने लिए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी सात महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित किए जाएंगे। प्रदेश के पहले युवा आयोग की स्थापना होगी। सीमावर्ती गांवों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन दिया जाएगा। वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण की समय-सीमा बढ़ाकर भूमिधरी अधिकार दिए जाएंगे। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्यांश को 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा। 18 से 30 वर्ष के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों के सहयोग से निशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि सरकार अनुदान के रूप में देगी। इसके अलावा बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए इसी वर्ष से ‘बाल वीरता पुरस्कार’ शुरू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों का विश्वास सरकार के लिए केवल राजनीतिक समर्थन नहीं बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार का संकल्प ऐसा उत्तराखंड बनाने का है, जहां विकास के साथ विरासत, रोजगार के साथ पलायन का समाधान और आधुनिकता के साथ संस्कृति एवं पहचान की मजबूती सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरी निष्ठा, प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ कार्य करती रहेगी। समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, मेयर सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, जिलाधिकारी आशीष चौहान, एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल समेत शासन-प्रशासन के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।









