देहरादून 11 अगस्त ।मानसून की चुनौतियों के बीच उत्तराखंड में चारधाम यात्रा नया रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ रही है। इस वर्ष यात्रा शुरू होने के 114 दिनों में 47 लाख 2 हजार 703 श्रद्धालु चारधामों के दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 42 लाख 34 हजार 147 थी। इस तरह इस वर्ष अब तक 4 लाख 68 हजार 556 अधिक श्रद्धालु चारधाम पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसून के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा को मौसम और परिस्थितियों के अनुसार संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वयं राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के माध्यम से आपदा प्रबंधन और यात्रा व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। संवेदनशील भूस्खलन वाले स्थानों पर सुरक्षा जवानों की तैनाती के साथ ही यात्रा पड़ावों पर यात्रियों के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरू हुई थी। 10 अगस्त तक बदरीनाथ में 16 लाख 12 हजार 112, केदारनाथ में 14 लाख 50 हजार 116, गंगोत्री में 7 लाख 37 हजार 629 और यमुनोत्री में 6 लाख 62 हजार 347 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं हेमकुंड साहिब में 2 लाख 40 हजार 499 श्रद्धालुओं ने मत्था टेका है।
एक दिन में 15 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे
मौसम खराब होने और प्रशासनिक अलर्ट के बावजूद सोमवार को 15 हजार 376 श्रद्धालुओं ने चारधामों के दर्शन किए। इनमें बदरीनाथ में 9,559, केदारनाथ में 4,170, गंगोत्री में 1,204 और यमुनोत्री में 443 श्रद्धालु पहुंचे।
बदरीनाथ में 16.12 लाख से ज्यादा श्रद्धालु
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। 23 अप्रैल से शुरू हुई बदरीनाथ यात्रा के 10 अगस्त तक 110 दिनों में 16 लाख 12 हजार 112 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। पिछले वर्ष की समान अवधि में यह संख्या 12 लाख 61 हजार 280 थी। इस तरह इस बार 3 लाख 50 हजार 192 अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है और जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया जाए। भूस्खलन या अन्य आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यात्रियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा करने की अपील की गई है।






