
देहरादून 27 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड को अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीक का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान को प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर आमजन के जीवन से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
सोमवार को आईआरडीटी सभागार में पायनियर समाचार पत्र समूह और उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “Mainstreaming Science, Technology and Innovation for a Prosperous Uttarakhand” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसी तकनीकें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और आपदा प्रबंधन में बदलाव ला रही हैं। इन क्षेत्रों में नवाचार से युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। उन्होंने बताया कि देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण तेजी से चल रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर के स्कूली विद्यार्थियों का नियमित रूप से साइंस सिटी भ्रमण कराया जाए, ताकि उनमें वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित हो सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में साइंस एंड इनोवेशन सेंटर, लैब्स ऑन व्हील्स, डिजिटल लाइब्रेरी, पेटेंट इन्फॉर्मेशन सेंटर, स्टेम लैब्स, एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे युवाओं को राज्य में ही वैश्विक स्तर के अवसर मिल सकें।इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत सहित अनेक वैज्ञानिक, शिक्षाविद और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।








