कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को मुख्यमंत्री धामी ने किया रवाना

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टनकपुर/चम्पावत, 5 जुलाई। कैलाश मानसरोवर यात्रा का रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर स्थित शारदा पर्यटक आवास गृह से यात्रा के प्रथम दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सभी श्रद्धालुओं की सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक छोलिया नृत्य के साथ स्वागत किया गया तथा पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुख्यमंत्री ने सभी तीर्थयात्रियों का रुद्राक्ष की माला और भगवान शिव का पटका पहनाकर अभिनंदन किया तथा उनसे संवाद भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा से ही इस पावन यात्रा का अवसर मिलता है और श्रद्धा व धैर्य के साथ सभी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा सीमांत क्षेत्रों के विकास का भी माध्यम है। इससे स्थानीय संस्कृति, परंपरा और हस्तशिल्प को देशभर में पहचान मिलती है। उन्होंने यात्रियों से स्थानीय उत्पादों की खरीद कर सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी आह्वान किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के संरक्षण और प्राचीन मंदिरों के पुनरुद्धार के लिए ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं, जिससे भारत की आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।
प्रथम दल में चिकित्सक सहित कुल 49 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिनमें 34 पुरुष और 15 महिलाएं हैं। यात्री आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से आए हैं। दल के साथ तमिलनाडु के डॉ. अरुण कुमार चिकित्सक के रूप में शामिल हैं। राजस्थान के 68 वर्षीय पुरुषोत्तम खंडेलवाल सबसे वरिष्ठ, जबकि गुजरात के 21 वर्षीय हरिकृष्णा सबसे युवा तीर्थयात्री हैं।
शनिवार शाम टनकपुर पहुंचे पहले दल का पुष्पवर्षा, छोलिया नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड सरकार द्वारा की गई यात्रा व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए बेहतर सुरक्षा और सुविधाओं के लिए आभार व्यक्त किया।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से लगातार दूसरे वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्रा का संचालन टनकपुर मार्ग से किया जा रहा है। इससे चम्पावत जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय व्यापार, परिवहन, होटल व्यवसाय और रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो रहे हैं। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष के बीच प्रथम दल के रवाना होने से पूरे टनकपुर में उत्साह और आध्यात्मिक उल्लास का माहौल रहा।

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