देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कांग्रेस की प्रस्तावित परिवर्तन और संकल्प यात्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के सामने जनता के बीच विकल्प बनने से अधिक अपने अस्तित्व को बचाने और आंतरिक कलह को शांत करने की चुनौती है। उन्होंने दावा किया कि यात्रा शुरू होने से पहले ही कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा चर्चा का विषय बन गई है, जिससे इसके भविष्य का अंदाजा लगाया जा सकता है।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में चौहान ने कहा कि कांग्रेस की इस यात्रा को लेकर न तो जनता में कोई उत्साह दिखाई दे रहा है और न ही पार्टी कार्यकर्ताओं में सकारात्मक माहौल है। उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए जिन नेताओं को आगे किया गया है, उनमें नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जैसे प्रमुख चेहरे नजर नहीं आ रहे हैं। इसे लेकर कांग्रेस के भीतर असंतोष और नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि हरीश रावत समर्थक लंबे समय से उनकी उपेक्षा का मुद्दा उठाते रहे हैं और इसे लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में यात्रा को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का अभाव दिखाई देता है।
चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की जनता के प्रति जवाबदेही होती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में जनता ने कांग्रेस को शासन का अवसर दिया था, लेकिन उस दौरान मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान, मंत्रिमंडल गठन में विवाद और गुटबाजी हावी रही। इसके साथ ही विभिन्न घोटालों और राजनीतिक अस्थिरता के कारण जनता का विश्वास कांग्रेस से उठ गया।
उन्होंने दावा किया कि इसके बाद जनता ने लगातार भाजपा पर भरोसा जताया है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पार्टी आगामी चुनावों में भी बेहतर प्रदर्शन करेगी। चौहान ने कहा कि कांग्रेस चुनाव नजदीक आते ही जनता के बीच जाने का प्रयास कर रही है, लेकिन जिन मुद्दों को लेकर वह सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, उन पर जनता पहले ही अपना फैसला सुना चुकी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा विकास कार्यों और सरकार की उपलब्धियों को लेकर लगातार जनता के बीच सक्रिय है और उसे जनता का समर्थन मिल रहा है। भाजपा के सामने कोई कठिन लक्ष्य नहीं है, जबकि कांग्रेस को अपने संगठन के भीतर के विवादों को सुलझाने और राजनीतिक अस्तित्व बनाए रखने की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।








