देहरादून, 12 मई। उत्तराखंड में प्रस्तावित पहले खेल विश्वविद्यालय के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 12.317 हेक्टेयर वन भूमि डायवर्जन को अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है। इससे विश्वविद्यालय निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
जारी आदेश के अनुसार नैनीताल जनपद के हल्द्वानी वन प्रभाग अंतर्गत गोलापार क्षेत्र में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय परियोजना के लिए वन भूमि हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है।
प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसे उत्तराखंड के खेल भविष्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल अवस्थापना को मजबूत करने और युवाओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
खेल मंत्री ने कहा कि यह खेल विश्वविद्यालय केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं होगा, बल्कि प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, अनुसंधान और उच्च स्तरीय प्रशिक्षक व्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे राज्य के युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर अवसर मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को “खेलभूमि” के रूप में स्थापित करना है और यह विश्वविद्यालय उस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
रेखा आर्या ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण को गंभीरता और तत्परता के साथ आगे बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप यह सफलता मिली।
उन्होंने केंद्र सरकार और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का भी आभार व्यक्त किया और कहा कि अब परियोजना के निर्माण कार्य को तेजी मिलेगी तथा जल्द ही प्रदेशवासियों को विश्वस्तरीय खेल विश्वविद्यालय की सौगात मिलेगी।







