
देहरादून/ईटानगर, 05 अप्रैल। उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में आयोजित मोपिन महोत्सव की स्वर्ण जयंती समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरन राजू को मोपिन महोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने स्थानीय जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल होकर त्योहार का उत्साहपूर्वक आनंद लिया। उन्होंने कहा कि मोपिन महोत्सव प्रकृति, कृषि और समृद्धि का प्रतीक है, जो भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्ध परंपराओं को दर्शाता है।
कृषि मंत्री ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक उत्सव देश की एकता और अखंडता को और मजबूत करते हैं तथा विभिन्न राज्यों के बीच आपसी भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे तीज-त्योहार ही हमें एक सूत्र में बांधने का काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि मोपिन महोत्सव केवल एक त्योहार नहीं बल्कि प्रकृति, आस्था, संस्कृति और सामूहिक एकता का जीवंत प्रतीक है, जो जीवन में खुशहाली और सकारात्मकता का संदेश देता है। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों में भाग लेते हुए सभी को शुभकामनाएं भी दीं।
ज्ञात हो कि मोपिन महोत्सव अरुणाचल प्रदेश की गालो जनजाति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पारंपरिक पर्व है, जिसे हर वर्ष बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह मुख्य रूप से कृषि से जुड़ा पर्व है, जिसका उद्देश्य अच्छी फसल, समृद्धि, सुख-शांति और बुरी शक्तियों से रक्षा की कामना करना होता है।
इस त्योहार के दौरान लोग “मोपिन आनी” (देवी) की पूजा-अर्चना करते हैं और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। मोपिन महोत्सव का एक विशेष आकर्षण “पोपिर” नृत्य है, जिसमें महिलाएं सफेद पारंपरिक वेशभूषा पहनकर समूह में नृत्य करती हैं। इसके साथ ही लोग एक-दूसरे के चेहरे पर चावल का पेस्ट लगाते हैं, जिसे पवित्रता, शुभता और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर अरुणाचल प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री तुमके बागरा, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गुमसेन लोलेन, प्रदेश महासचिव कागे दाबी, प्रदेश उपाध्यक्ष तारह सीता तथा प्रदेश उपाध्यक्ष जोमगे चिन्यो सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।








