बनबसा 30 मार्च। सीमांत सेवा फाउंडेशन द्वारा बनबसा में पूर्णागिरि मेले के दौरान आयोजित 11 दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर में 7378 मरीजों का उपचार कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। 19 मार्च से 29 मार्च 2026 तक चले इस शिविर में हजारों श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और नेपाल से आए नागरिकों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।
शिविर के दौरान कुल 7378 मरीजों ने उपचार प्राप्त किया। इस अवधि में 1021 लैब व शुगर जांच की गई, जबकि 3010 लोगों की रक्तचाप जांच की गई। वहीं 22 मरीजों का ईसीजी भी किया गया। चिकित्सकीय सेवाओं के तहत 107 मरीजों की ड्रेसिंग की गई, 54 को टीटी इंजेक्शन, 44 को डाइक्लोफेनाक, 15 को ओन्डिरोन, 8 को पेरिनॉर्म और 4 मरीजों को पीसीएम इंजेक्शन लगाए गए।
आपातकालीन सेवाओं के तहत 7 मरीजों को आईवी फ्लूड तथा 2 मरीजों को नेब्युलाइजर की सुविधा प्रदान की गई। शिविर की विशेष उपलब्धि नेत्र सेवा रही, जहां 3000 से अधिक लोगों की आंखों की जांच की गई और 1540 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए।शिविर के संयोजक ललित सिंह कुंवर ने चिकित्सकीय सहयोग के लिए श्री राममूर्ति मेडिकल कॉलेज, बरेली का आभार व्यक्त किया। साथ ही दवाइयों के सहयोग के लिए आरती ड्रग्स लिमिटेड और माइक्रो लैब्स लिमिटेड तथा शिविर की व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए आईएसएसए फाउंडेशन, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग चम्पावत का धन्यवाद किया।उन्होंने बताया कि इस शिविर में उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बाराबंकी, कानपुर, हरदोई, बहराइच और लखीमपुर सहित दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं के साथ ही बनबसा और खटीमा के स्थानीय निवासियों तथा नेपाल के नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में लाभ उठाया।
शिविर के दौरान सड़क दुर्घटना में घायल, खाना बनाते समय झुलसे, दस्त-उल्टी से बेहोशी की स्थिति में पहुंचे मरीजों के साथ ही मिर्गी व अन्य दौरे से पीड़ित मरीजों का भी उपचार किया गया।
इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। पीयूष थपलियाल, चंदन बिष्ट, राहुल कश्यप, विक्रम बोरा, वंश मिश्रा, भुवन उपाध्याय, सृष्टि, मनोज कश्यप और लक्ष्मी कश्यप सहित अन्य युवाओं ने सक्रिय सहयोग दिया।
सीमांत सेवा फाउंडेशन का यह शिविर केवल चिकित्सा सेवा ही नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। इस पहल ने सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को काफी हद तक दूर करने का कार्य किया है।








