
देहरादून 28 मार्च ।मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में राज्य में गैस, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में घरेलू और कमर्शियल गैस की उपलब्धता, अस्पतालों, शैक्षिक संस्थानों और उद्योगों की जरूरतें, उर्वरकों की स्थिति, पीएनजी पाइपलाइन विस्तार, सीएनजी आपूर्ति, कालाबाजारी और जमाखोरी पर नियंत्रण, अफवाह प्रबंधन तथा वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य में गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक पैनिक से बचें। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बीच विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने और वर्ष 2070 तक कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य प्राप्त करने के लिए ग्रीन एनर्जी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना जरूरी है। सभी विभागों को घरेलू, औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों में वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने पर्यटन और पूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि आगामी चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ने वाली गैस और ईंधन की मांग का सटीक आकलन कर अग्रिम योजना तैयार की जाए तथा केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। गैस, कच्चा तेल और उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में विशेष निगरानी और सर्विलांस बढ़ाने को कहा गया।
कृषि विभाग को निर्देशित किया गया कि यूरिया का अनावश्यक भंडारण न किया जाए और एग्रीटेक, फार्मर रजिस्ट्री तथा वास्तविक खेती के आंकड़ों के आधार पर उर्वरक वितरण को लिंक कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारियों को पीएनजी पाइपलाइन से संबंधित अनुमति तुरंत देने के निर्देश भी दिए गए ताकि उद्योगों में पाइपलाइन आधारित गैस के उपयोग और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिल सके।
मुख्य सचिव ने नगर निकायों में बायोगैस प्लांट, पीरूल ब्रिकेट, सोलर चूल्हे और सोलर कुकर को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही सरकारी और निजी परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित कर ट्रांसपोर्ट सेक्टर को ग्रीन एनर्जी आधारित बनाने पर जोर दिया। जनमानस तक सही जानकारी पहुंचाने और अफवाहों पर नियंत्रण के लिए राज्य और जिला स्तर पर नियमित प्रेस ब्रीफिंग आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
खाड़ी देशों और मिडिल ईस्ट में फंसे नागरिकों की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने के निर्देश देते हुए विशेष सचिव निवेदिता कुकरेती को राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किया गया है, जबकि जिलों में भी नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, एल एल फैनई सहित वरिष्ठ अधिकारी सचिवालय सभागार में उपस्थित रहे, जबकि जिलों से जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।









