
देहरादून 16 मार्च। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में शहरी विकास विभाग के अंतर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शहरी विकास निदेशालय के नवीन भवन का वर्चुअल शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कूड़ा निस्तारण वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले चार वर्षों में लगभग 30 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है। उन्होंने लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित सभी सफाई निरीक्षकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज उनके जीवन में नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल 63 स्थानीय नगर निकाय थे, जबकि आज 11 नगर निगम, 46 नगर पालिका परिषद और 51 नगर पंचायत सहित कुल 108 स्थानीय निकाय कार्यरत हैं। यह दर्शाता है कि राज्य के शहर विकास और आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि शहरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए स्थानीय निकायों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकाय शहरों के समग्र विकास के मजबूत स्तंभ हैं और सफाई निरीक्षक इस व्यवस्था की नींव हैं। पिछले लगभग पांच वर्षों में शहरी निकायों में 63 अधिशासी अधिकारियों, 22 कर एवं राजस्व निरीक्षकों और 32 अवर अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 63 नए सफाई निरीक्षकों की नियुक्ति से नगर निकायों की कार्यक्षमता और मजबूत होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आस्था, आध्यात्म और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, जहां स्थित चारधाम और गंगा-यमुना के तीर्थ हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। वर्ष 2027 में कुंभ मेले का आयोजन होना है और अगले महीने से चारधाम यात्रा भी शुरू होने वाली है। ऐसे अवसरों पर शहरों और तीर्थस्थलों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर कार्य कर रही है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अमृत मिशन के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। निराश्रित गौवंश संरक्षण के लिए आश्रय योजना संचालित की जा रही है। कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन बनाए गए हैं और कूड़ा वाहनों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है और 11 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पर्यावरण मित्रों को ‘स्वच्छता सैनानी सम्मान’ भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग में राज्य को और बेहतर प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, बंशीधर भगत, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सचिव शहरी विकास नितेश झा, निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।









