ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का जायजा लेने पहुँचा ओडिशा का मीडिया प्रतिनिधिमंडल

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देहरादून, 13 मार्च।
ओडिशा के नौ वरिष्ठ पत्रकारों का एक मीडिया प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ऋषिकेश पहुँचा और यहां चल रही महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। यह प्रेस टूर भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत आयोजित किया गया, जिसे प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) भुवनेश्वर द्वारा उत्तराखंड में आयोजित किया गया है।

रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के डीजीएम (सिविल) ओम प्रकाश मालगुरी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए परियोजना की प्रगति और इसके महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिमालयी क्षेत्र में यह रेलवे परियोजना सबसे चुनौतीपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।

अधिकारियों के अनुसार लगभग 125 किलोमीटर लंबी यह रेल लाइन करीब 37,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित की जा रही है। यह परियोजना ऋषिकेश को गढ़वाल क्षेत्र के दुर्गम पहाड़ी इलाकों से होते हुए कर्णप्रयाग से जोड़ेगी। रेल लाइन देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरेगी, जिससे इन क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।

परियोजना की इंजीनियरिंग चुनौतियों के बारे में बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि इस रेल मार्ग का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरता है, जो इसे देश की सबसे अधिक सुरंगों वाली रेलवे परियोजनाओं में शामिल करता है। इस प्रोजेक्ट के तहत 100 किलोमीटर से अधिक लंबाई की 16 बड़ी सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा गहरी घाटियों और पहाड़ी नदियों पर कई बड़े पुल भी बनाए जा रहे हैं।

दौरे के दौरान मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित शिवपुरी स्टेशन तक बनने वाली सुरंग का निरीक्षण भी किया। पत्रकारों ने सुरंग के भीतर पैदल चलकर खुदाई के कार्य और हिमालयी चट्टानों को काटकर बनाए जा रहे सुरंग निर्माण की जटिल इंजीनियरिंग को करीब से देखा।

आरवीएनएल के अधिकारियों ने बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद पहाड़ी जिलों तक पहुंच काफी आसान हो जाएगी और उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने, आवागमन में सुधार होने और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

मीडिया प्रतिनिधिमंडल में ओडिशा के नौ वरिष्ठ पत्रकार शामिल थे। उनके साथ PIB भुवनेश्वर के सहायक निदेशक महेंद्र जेना और सूचना सहायक विकास रंजन दलाई भी मौजूद रहे। इस दौरान पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक संजीव सुंद्रियाल भी उपस्थित रहे।

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