देहरादून 24 फरवरी
। राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा राज्य आपदा प्रबंधन योजना (एसडीएमपी) और जनपद आपदा प्रबंधन योजनाओं (डीडीएमपी) के अद्यतन का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। मंगलवार को सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि राज्य तथा जनपद स्तर की आपदा प्रबंधन योजनाओं का अद्यतन कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और इन्हें शीघ्र ही प्रकाशित किया जाएगा। सचिव ने कहा कि राज्य की संवेदनशील भौगोलिक परिस्थितियों, बदलते जलवायु परिदृश्य, नई तकनीकों के समावेशन तथा पूर्व आपदाओं से मिले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का समय-समय पर अपडेट किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि अद्यतन योजनाओं में जोखिम मूल्यांकन, संसाधन मैपिंग, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, सामुदायिक सहभागिता और विभागीय समन्वय को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। साथ ही योजनाओं को फील्ड स्तर पर अधिक व्यावहारिक और क्रियान्वयन योग्य बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
सचिव ने सभी संबंधित विभागों और जनपद प्रशासन को निर्देश दिए कि वे योजनाओं के अद्यतन में सक्रिय सहयोग करें और स्थानीय स्तर की चुनौतियों व आवश्यकताओं को योजनाओं में समुचित रूप से शामिल करें।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।








