विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम’ पर नई टिहरी में मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन

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नई टिहरी 28 जनवरी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) देहरादून के तत्वावधान में बुधवार को जिला कार्यालय सभागार, नई टिहरी में ‘विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी–जी राम जी अधिनियम)’ विषय पर मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य योजना के प्रावधानों एवं लाभों की जानकारी मीडिया के माध्यम से आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंचाना रहा।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खंडेलवाल, सहायक निदेशक पीआईबी संजीव सुंद्रियाल, जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई अविनाश सैनी सहित जनपद के विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के लिए रोजगार और आय सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ टिकाऊ ग्रामीण अवसंरचना के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कार्यशाला में प्राप्त सुझावों एवं जमीनी समस्याओं को शासन एवं केंद्र सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन भी दिया।
जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने कहा कि विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के क्रियान्वयन में आने वाली व्यवहारिक समस्याओं को शासन स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि योजना का लाभ पात्र लाभार्थियों तक सुचारु रूप से पहुंच सके। उन्होंने मीडिया से योजनाओं की सही और सकारात्मक जानकारी जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग का आह्वान किया।
सहायक निदेशक पीआईबी संजीव सुंद्रियाल ने अधिनियम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और परिवारों की आय सुरक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रति ग्रामीण परिवार रोजगार गारंटी को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, जिससे आय सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम ने मनरेगा एवं विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना अकुशल श्रमिकों को भी रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान करती है। रोजगार मांगने पर 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराना अनिवार्य है, अन्यथा बेरोजगारी भत्ता देय होता है। योजना में समान कार्य के लिए समान मजदूरी, महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी तथा मजदूरी मद का शत-प्रतिशत व्यय केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई अविनाश सैनी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से ग्रामीण सड़क योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
कार्यशाला का संचालन वरिष्ठ पत्रकार देवेन्द्र दुमोगा ने किया। इस अवसर पर न्यू टिहरी प्रेस क्लब अध्यक्ष अनुराग उनियाल, महामंत्री विजय गुसांई, विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान बलवंत रावत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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