
मुख्य सचिव ने कार्यों की गुणवत्ता व भौतिक प्रगति की नियमित समीक्षा के दिए निर्देश
देहरादून, 01 जनवरी ।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में राज्य आपदा मोचन निधि एवं राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति द्वारा विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता और भौतिक प्रगति की निरंतर समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिए कि स्वीकृत प्रस्तावों के अंतर्गत जारी किए गए फंड और कार्यों की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा विभागों से एमसीआर फॉर्मेट पर भौतिक प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की जाए।
उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में इंजीनियर्स नियोजन समिति को सक्रिय किया जाए और किसी भी प्रस्ताव को भेजने से पूर्व तकनीकी एवं वित्तीय परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए। इसके साथ ही सचिव आपदा को राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठकों में ईएनसी, पीडब्ल्यूडी को स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किए जाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए स्पष्ट नॉर्म्स तैयार करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक कार्य की स्थिति एवं प्रकृति के अनुरूप समाधान अपनाया जाना चाहिए। जहाँ संभव हो, वहाँ वेजिटेटिव प्रोटेक्शन वर्क को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने विभागाध्यक्ष सिंचाई को देहरादून क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न कैनाल सिस्टम को दुरुस्त करने हेतु नहरों के सुधारीकरण एवं मजबूतीकरण से संबंधित प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. वी. षणमुगम, विनोद कुमार सुमन, आनंद स्वरूप, अपर सचिव रंजना राजगुरु सहित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जनपदों के जिलाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित र
हे।






