देहरादून, 06 दिसंबर 2025।
उत्तराखंड में शीतकालीन पर्यटन सीजन को देखते हुए उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने सभी प्रमुख पर्यटन और तीर्थ स्थलों पर सुचारू एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियाँ तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए निगम ने फील्ड स्तर पर सख्त निर्देश जारी किए हैं।
प्रबंध निदेशक, यूपीसीएल ने बताया कि मसूरी, औली, लैंसडाउन, धनौल्टी, जोशीमठ, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, मुनस्यारी, चकराता, हरिद्वार, ऋषिकेश, टिहरी, देवप्रयाग, चंबा, हर्षिल, राजाजी नेशनल पार्क सहित चारधाम के शीतकालीन पूजा स्थलों में शीतकाल के दौरान पर्यटकों का अत्यधिक आवागमन होता है। ऐसे में निर्बाध बिजली आपूर्ति न सिर्फ पर्यटन गतिविधियों को गति देती है बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाती है। इसीलिए यूपीसीएल ने किसी भी उपभोक्ता या पर्यटक को असुविधा न हो, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त कर दी हैं।
निगम द्वारा इन क्षेत्रों के सभी 33/11 केवी उपकेंद्रों, 11 केवी फीडरों, एचटी-एलटी लाइनों और स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम का दैनिक निरीक्षण कराया जा रहा है। आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए कंडक्टर, केबल, पोल, ट्रांसफॉर्मर सहित सभी आवश्यक सामग्री फील्ड में पहले ही उपलब्ध करा दी गई है, ताकि किसी भी व्यवधान की स्थिति में न्यूनतम समय में आपूर्ति बहाल की जा सके।
सभी अधीक्षण अभियंताओं और अधिशासी अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में उपकेंद्रों व फीडरों का सघन निरीक्षण करने और पूरी टीम को हाई अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं। लाइनों के पास पेड़ों और टहनियों की लोपिंग-चोपिंग का काम भी समय रहते पूरा कराया जा रहा है, ताकि मौसम संबंधी कारणों से आपूर्ति बाधित न हो। साथ ही, सभी ट्रॉली ट्रांसफॉर्मरों की कार्यशील स्थिति की जांच कर उन्हें आपात स्थिति के लिए तैयार रखा गया है।
यूपीसीएल ने आश्वासन दिया है कि प्रदेश के सभी प्रमुख शीतकालीन पर्यटन स्थलों और तीर्थ क्षेत्रों में सुरक्षित, निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम युद्धस्तर पर उठाए जा रहे हैं।
Author: Day Night Khabar
Post Views: 43








