देहरादून, 02 दिसम्बर 2025 ।
उत्तराखंड सरकार ने टिहरी जनपद के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सुरसिंहधार स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज को पीजी कॉलेज के रूप में मान्यता प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या 311/2025 के क्रम में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने इसकी औपचारिक पुष्टि की।
बैठक में पीजी कॉलेज के रूप में संस्थान के विकास से संबंधित सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नर्सिंग शिक्षा को सुदृढ़ कर पहाड़ी जिलों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार करना सरकार का मुख्य उद्देश्य है।
14 अगस्त 2026 को जारी हो चुकी हैं प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृतियाँ
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि शासन द्वारा प्रस्तावित पीजी कॉलेज हेतु प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियाँ पहले ही जारी कर दी गई हैं। इसी क्रम में 12 नवम्बर 2025 को जारी शासनादेश के आधार पर राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी का मूल्यांकन करने हेतु एक निरीक्षण समिति गठित की गई थी।
निरीक्षण में कॉलेज मिला पीजी मानकों के अनुरूप
निरीक्षण समिति ने 14 नवम्बर 2025 को स्थलीय निरीक्षण कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज में उपलब्ध 71,900.33 वर्गफुट क्षेत्र, जिसमें 32,452.97 वर्गफुट शैक्षणिक तथा 39,447.36 वर्गफुट हॉस्टल क्षेत्र शामिल है, पीजी शिक्षा के मानकों के अनुसार उपयुक्त पाया गया।
समिति ने कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, मल्टीपरपज़ हॉल और एमएससी नर्सिंग के लिए आवश्यक अतिरिक्त कक्षाओं को पर्याप्त बताया।
क्लीनिकल पोस्टिंग के लिए जिला चिकित्सालय बौराड़ी (100 बेड) और सीएचसी नरेंद्रनगर (50 बेड) भी मानकों के अनुरूप उपलब्ध पाए गए।
एमएससी नर्सिंग की 15 सीटों को स्वीकृति
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर समिति ने राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी में एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम प्रारंभ करने के लिए 15 सीटें स्वीकृत करने की संस्तुति की। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि इससे टिहरी और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों में उच्च स्तरीय नर्सिंग शिक्षा को नई दिशा मिलेगी और विशेषज्ञ स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता बढ़ेगी।
समीक्षा बैठक में निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. ए.के. आर्य, अपर निदेशक डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट, रजिस्ट्रार मनीषा ध्यानी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









