तकनीकी विश्वविद्यालय में रजत जयंती वर्ष पर संगोष्ठी सफल
“तकनीकी शिक्षा का बदलता चेहरा: अतीत, वर्तमान और भविष्य” विषय पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
देहरादून 7 नवंबर
। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष समारोह के अंतर्गत वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में भारतीय अभियंता संस्थान उत्तराखण्ड प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में तकनीकी शिक्षा का बदलता चेहरा अतीत, वर्तमान और भविष्य” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष समारोह के अंतर्गत वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में भारतीय अभियंता संस्थान उत्तराखण्ड प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में तकनीकी शिक्षा का बदलता चेहरा अतीत, वर्तमान और भविष्य” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय कुलगीत और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। प्रारंभिक व्याख्यान प्रोफेसर मनोज कुमार पांडा, निदेशक, महिला प्रौद्योगिकी संस्थान, देहरादून द्वारा दिया गया। उन्होंने तकनीकी शिक्षा की दिशा और दशा में आए महत्वपूर्ण परिवर्तनों पर अपने विचार साझा किए।
भारतीय अभियंता संस्थान, उत्तराखण्ड प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अभियंता चंद्र प्रकाश शर्मा ने कहा कि तकनीकी शिक्षा आज पारंपरिक ढांचे से आगे बढ़कर नवाचार, उद्यमिता , अनुसंधान (रिसर्च) और उद्योग-सहयोग (इंडस्ट्री सहयोग) की ओर अग्रसर है। उन्होंने युवाओं से आधुनिक तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों को भी अपनाने का आह्वान किया।संगोष्ठी में प्रोफेसर संजय जसोला कुलपति, डीबीएस वैश्विक विश्वविद्यालय, देहरादून, प्रोफेसर विवेक कुमार कुलपति, क्वांटम विश्वविद्यालय, रुड़की, डॉ. हरिंदर कुमार गर्ग अध्यक्ष, राष्ट्रीय परिषद एवं महनारी समूह, हरिद्वार और अभियंता गंगा प्रसाद पंत विशेषज्ञ समन्वयक, योजना आयोग, उत्तराखण्ड सरकार ने छात्रों को तकनीकी शिक्षा के बदलते परिदृश्य, उद्योग-शैक्षणिक सहभागिता, डिजिटल परिवर्तन तथा भविष्य की कौशल आवश्यकताओं पर जानकारी दी।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉ. राजेश उपाध्याय, वित्त नियंत्रक श्री बिक्रम सिंह जंतवाल, डॉ. आशीष बगवाड़ी, डॉ. अंकुर दुमका, डॉ. विशाल रमोला सहित विश्वविद्यालय के संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।भारतीय अभियंता संस्थान, उत्तराखण्ड प्रकोष्ठ से सचिव अभियंता हिमांशु अवस्थी, डॉ. योगेश वर्मा सहित आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
सत्र के अंत में छात्रों के प्रश्नों के उत्तर विशेषज्ञों द्वारा दिए गए और तकनीकी शिक्षा के भविष्य को लेकर खुली चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन के.सी. मिश्रा ने किया।
Author: Day Night Khabar
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