पिछले दस वर्षों के भूमि आवंटनों की उच्चस्तरीय जांच हो: गणेश गोदियाल

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देहरादून, 22 जून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य में पिछले दस वर्षों के दौरान हुए भूमि आवंटनों, सरकारी भूमि हस्तांतरणों, भूमि उपयोग परिवर्तन और कथित भूमि घोटालों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सीमित भौगोलिक संसाधनों वाले पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में भूमि और प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में गोदियाल ने कहा कि हाल के वर्षों में राज्य में भूमि संबंधी कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन्होंने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली और सरकारी संसाधनों के संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने वर्ष 2025 के हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई, जिससे भूमि मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता स्पष्ट हुई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य के विभिन्न जिलों में सरकारी विभागों तथा निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज बहुमूल्य भूमि के नियमों के विपरीत हस्तांतरण और निजी हितों में उपयोग के मामले सामने आए हैं। उन्होंने मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र, डाकपत्थर में जल विद्युत निगम की भूमि तथा नैनीताल जनपद के रामगढ़ क्षेत्र में सरकारी भूमि से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए इनकी निष्पक्ष जांच की मांग की।
गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड द्वारा विकसित किए जा रहे “लैंड बैंक” को लेकर भी जनता के बीच आशंकाएं हैं। राजस्व, पर्यटन, उद्यान, कृषि, सिडकुल तथा ऊर्जा विभागों की भूमि को एकत्रित कर भविष्य में निजी हितों के लिए उपयोग किए जाने की संभावनाओं को लेकर लोगों में चिंता है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण समुदायों और पशुपालकों द्वारा वर्षों से उपयोग में लाई जा रही चरागाह और सामुदायिक भूमि भी संकट का सामना कर रही है। प्रतापनगर सहित टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग और नैनीताल जैसे जनपदों में लोग अपनी पारंपरिक एवं पंचायती भूमि बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
कांग्रेस ने मांग की है कि पिछले दस वर्षों के सभी प्रमुख भूमि आवंटनों, खरीद-फरोख्त, हस्तांतरणों और भूमि उपयोग परिवर्तन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही विभागीय भूमि हस्तांतरण और निजी संस्थाओं को किए गए आवंटनों की समीक्षा के लिए स्वतंत्र जांच आयोग गठित किया जाए। पार्टी ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और संदिग्ध हस्तांतरणों की पहचान कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा जांच पूरी होने तक विवादित भूमि आवंटनों पर रोक लगाने की भी मांग की है।
गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की जल, जंगल और जमीन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर भूमि संसाधनों की सुरक्षा के लिए हस्तक्षेप की मांग करेगा।कार्यक्रम में काजी निजामुद्दीन, फुरकान अहमद, लखपत बुटोला, सूर्यकांत धस्माना, गरिमा महरा दसौनी, आलोक शर्मा, ज्योति रौतेला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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