देहरादून 09 मार्च ।मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026–27 का बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य ज्ञान (GYAN) मॉडल के माध्यम से राज्य के समग्र विकास को आगे बढ़ाना है। इस मॉडल में गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी सशक्तिकरण को विकास के चार प्रमुख स्तंभ के रूप में रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी सोच के साथ बजट में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
गरीब कल्याण पर विशेष ध्यान
गरीब और जरूरतमंद वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं में बजट बढ़ाया गया है। अन्नपूर्ति योजना के लिए ₹1300 करोड़, के लिए ₹298.35 करोड़ और के लिए ₹56.12 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आवास के लिए ₹25 करोड़, परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों को निःशुल्क यात्रा सुविधा के लिए ₹42 करोड़ तथा रसोई गैस पर अनुदान के लिए ₹43.03 करोड़ रखे गए हैं।
सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिव्यांग, तीलू रौतेली और अन्य पेंशन योजनाओं के लिए ₹167.05 करोड़ तथा आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए ₹25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास
प्रदेश के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी कई योजनाओं को बजट में प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए ₹60 करोड़, पलायन रोकथाम योजना के लिए ₹10 करोड़ और के लिए ₹62.29 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा गैर सरकारी महाविद्यालयों को सहायता के लिए ₹155.38 करोड़, शिक्षा मित्रों के मानदेय के लिए ₹10 करोड़ तथा मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए ₹10 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए भी बजट में कई योजनाएं शामिल की गई हैं। ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए ₹39.90 करोड़, मिशन एप्पल के लिए ₹42 करोड़ और दुग्ध उत्पादकों के प्रोत्साहन के लिए ₹32 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इसके अलावा के लिए ₹160.13 करोड़, मिलेट मिशन के लिए ₹12 करोड़ तथा किसान पेंशन योजना के लिए ₹12.06 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता
महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं। नंदा गौरा योजना के लिए ₹220 करोड़, के लिए ₹47.78 करोड़ और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए ₹30 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना, महिला पोषण योजना, आंचल अमृत योजना और स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं के लिए भी बजट निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ज्ञान मॉडल के माध्यम से गरीबों के उत्थान, युवाओं को अवसर, किसानों की आय में वृद्धि और महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी। इससे उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों की ओर आगे बढ़ेगा।






