देवभूमि की संस्कृति और युवा प्रतिभाओं को नई पहचान देने की तैयारी, आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग ने परियोजनाओं की समीक्षा की
देहरादून 13 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप उत्तराखंड सरकार विकास परियोजनाओं में सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और युवा शक्ति को प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने सचिवालय में विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में अयोध्या में प्रस्तावित उत्तराखंड राज्य अतिथि गृह और रुद्रपुर के मोदी मैदान में बनने वाले इंडोर एवं आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर विशेष चर्चा हुई।
अयोध्याधाम में करीब 67.83 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से उत्तराखंड का राज्य अतिथि गृह बनाया जाना प्रस्तावित है। भवन को केवल ठहरने की सुविधा तक सीमित न रखते हुए उत्तराखंड की सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान के परिचय केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। भवन की डिजाइन में पारंपरिक पहाड़ी वास्तुशैली को प्रमुखता देने के साथ आंतरिक सज्जा में भी देवभूमि की विशिष्ट संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।
भवन के अलग-अलग तल अलग-अलग विषयों पर आधारित होंगे। इनमें ओम पर्वत, हिमनद, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान और पंचाचूली पर्वत शिखर जैसे उत्तराखंड के प्रमुख प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक प्रतीकों को शामिल करने की योजना है। इससे अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को राज्य की संस्कृति, प्रकृति और स्थापत्य की झलक मिल सकेगी।
प्रस्तावित भवन की मूल योजना में शामिल बारात घर को हटाने का निर्णय लिया गया है। इसके स्थान पर भवन को अतिथि गृह के निर्धारित मानकों और आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्माण की गुणवत्ता, उपयोगिता और आकर्षक स्वरूप के साथ भविष्य की जरूरतों का भी ध्यान रखने को कहा गया है।
वहीं, रुद्रपुर के मोदी मैदान में 2332.05 लाख रुपये यानी करीब 23.32 करोड़ रुपये की संशोधित लागत से इंडोर एवं आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा। परियोजना का पूर्व आगणन 2374.56 लाख रुपये था, जिसे संशोधित कर 2332.05 लाख रुपये किया गया है।
स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में इंडोर सुविधाओं के तहत पहले प्रस्तावित स्क्वैश और बिलियर्ड्स को हटाकर जिम, टेबल टेनिस और बैडमिंटन को शामिल किया गया है। आउटडोर परिसर में वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, फुटबॉल, पिकलबॉल और टेनिस की सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इसके अलावा करीब एक किलोमीटर लंबा साइकिलिंग रूट और ट्रैक पाथ बनाया जाएगा। खिलाड़ियों और आगंतुकों के लिए पर्याप्त शौचालय और चेंजिंग रूम की व्यवस्था भी की जाएगी।
संशोधित प्रस्ताव में लागत को नियंत्रित करने के साथ सुविधाओं को अधिक उपयोगी बनाने पर जोर दिया गया है। बाउंड्रीवाल की ऊंचाई कम कर उसके स्थान पर लोहे की ग्रिल लगाने का प्रावधान किया गया है। तकनीकी सलाहकार समिति और नियोजन विभाग की ओर से आगणन के परीक्षण के बाद 14 अगस्त को हुई विभागीय व्यय समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप प्रस्ताव में संशोधन किए गए हैं। समिति ने संशोधित आगणन पर सैद्धांतिक सहमति देते हुए इसे व्यय वित्त समिति के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने का निर्णय लिया।
सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि विकास परियोजनाएं ऐसी हों, जो गुणवत्तापूर्ण होने के साथ उपयोगी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप भी हों। अयोध्या का राज्य अतिथि गृह उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा, जबकि रुद्रपुर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स युवाओं और खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में गुणवत्ता, लागत संतुलन, उपयोगिता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।








