बेटियां उठाएंगी नशे के खिलाफ जागरूकता की मशाल,

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देहरादून, 29 अगस्त। प्रदेश के युवाओं को नशे की लत से दूर रखने और उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए उत्तराखंड में 100 दिवसीय नशामुक्ति महाभियान शुरू किया गया है। विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शनिवार को एमकेपी पीजी कॉलेज, देहरादून से अभियान का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर डॉ. रावत ने कहा कि प्रदेश की बेटियां नशे के खिलाफ जागरूकता की मशाल उठाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। अभियान के तहत प्रदेशभर के विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई जाएगी तथा आमजन को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नशा युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और भविष्य को प्रभावित करने के साथ ही समाज को भी भीतर से कमजोर करता है। सरकार युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता और जनभागीदारी आधारित अभियान लगातार चला रही है।

डॉ. रावत ने कहा कि एमकेपी पीजी कॉलेज से अभियान की शुरुआत करने का विशेष उद्देश्य छात्राओं को नशे के विरुद्ध सामाजिक जागरूकता का सशक्त माध्यम बनाना है। मातृशक्ति ने हमेशा अपनी क्षमता और सामाजिक नेतृत्व से परिवर्तन किए हैं और इस अभियान में छात्राओं की भागीदारी अहम होगी।

उन्होंने कहा कि अगले 100 दिनों के दौरान प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। छात्र-छात्राओं को नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाने के साथ ही इसके सामाजिक, मानसिक और शारीरिक दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से भी विद्यार्थियों को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थानों और पूरे समाज का साझा दायित्व है। युवा शक्ति, मातृशक्ति और सामाजिक व आध्यात्मिक संगठनों की भागीदारी से नशामुक्त उत्तराखंड का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बबीता दीदी ने युवाओं को सकारात्मक विचारों और स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। नीलम दीदी ने ध्यान और आध्यात्मिक जीवनशैली के माध्यम से मन और शरीर को सशक्त बनाने का संदेश दिया। मानसिक चिकित्सक डॉ. रोहित गोंदवाल ने नशे के मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला।

एमकेपी पीजी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. ममता सिंह ने कहा कि कॉलेज की छात्राएं नशे के अंधकार के खिलाफ जागरूकता का दीप बनकर स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देंगी।

इस दौरान कॉलेज के एंटी ड्रग सेल की ओर से ‘नशा एक अभिशाप’ विषय पर डिजिटल और हस्तनिर्मित पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। डिजिटल पोस्टर प्रतियोगिता में नैना ने पहला, दीक्षा ने दूसरा और मरियम जैदी ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। हस्तनिर्मित पोस्टर प्रतियोगिता में अनुप्रिया प्रथम, ईशिता द्वितीय और विमला तृतीय रहीं।

खेलकूद समिति की ओर से आयोजित मैराथन में साइमा अंसारी, कविता राणा, दिव्यांशी, दिव्या, हिमानी और सरस्वती ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सभी विजेताओं को शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में डॉ. रावत ने एमकेपी पीजी कॉलेज, एमआईटी, हैरिटेज स्कूल और एमकेपी इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई। उन्होंने छात्र-छात्राओं से नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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