देहरादून 28 । आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। संभावित आपदाओं के जोखिम को कम करने के लिए सरकार निगरानी और पूर्व चेतावनी तंत्र को लगातार मजबूत कर रही है। नेपाल में हाल में हुई आपदा से सीख लेते हुए प्रदेश में ग्लेशियर झीलों, नदियों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की मॉनीटरिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील ग्लेशियर झीलों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण और नियमित निगरानी कराई जा रही है। साथ ही अत्याधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जरूरत के अनुसार संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त उपकरण और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि संभावित खतरे की सूचना समय रहते प्रशासन और आमजन तक पहुंच सके।
कौशिक ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जन-जीवन की सुरक्षा है। आपदा से पहले की तैयारी, समय पर चेतावनी, स्थानीय स्तर पर क्षमता निर्माण और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से संभावित जनहानि को न्यूनतम करने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने मानसून के दौरान सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।









