
चंपावत, 27 अगस्त। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को धूरा स्थित रामलीला मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव-2026 में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने चंपावत के विकास के लिए 62.97 करोड़ रुपये की 50 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 11.08 करोड़ रुपये की 20 योजनाओं का लोकार्पण और 51.89 करोड़ रुपये की 30 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
इन विकास योजनाओं से जिले में सड़क, पेयजल, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षा और धार्मिक पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
‘बहनों, माताओं और बेटियों के बीच अपने घर आया हूं’
मातृशक्ति को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खराब मौसम के बावजूद वह चंपावत जरूर आते, क्योंकि वह अपनी बहनों, माताओं, बेटियों और भांजियों के बीच अपने घर आए हैं। चंपावत से मिलने वाला प्रेम और अपनापन उन्हें विशेष ऊर्जा देता है। मुख्यमंत्री ने कुमाऊंनी भाषा में महिलाओं से संवाद भी किया और मातृशक्ति से रक्षा सूत्र बंधवाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि जब तक राज्य की प्रत्येक मातृशक्ति सशक्त नहीं हो जाती, तब तक सरकार चैन से नहीं बैठेगी। उत्तराखंड की पहचान यहां की मेहनती, साहसी और आत्मनिर्भर मातृशक्ति से भी है।
बेटियों के लिए शिक्षा और खेल सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ केवल योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि महिलाओं को शिक्षित, स्वस्थ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाकर परिवार एवं समाज के निर्णयों में भागीदार बनाना है। चंपावत में बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए कॉलेज हॉस्टल, आईटीआई लैब, 256.97 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान और महिला प्रौद्योगिकी पार्क जैसी परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बेटियों को प्रतिभा निखारने के लिए गांव या जिले से बाहर न जाना पड़े।
‘लखपति दीदी से करोड़पति दीदी बनें बहनें’
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि लखपति दीदी बनने के बाद प्रदेश की माताएं-बहनें आगे बढ़कर करोड़पति दीदी बनें। स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘हाउस ऑफ हिमालयास’, हिलान्स आउटलेट, मोबाइल कार्ट, फूड वैन और ई-रिक्शा जैसे माध्यमों से महिलाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनने का अवसर मिल रहा है। गर्भवती और धात्री माताओं के पोषण एवं स्वास्थ्य के लिए मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना और महालक्ष्मी किट जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं।
धूरा समेत विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने धूरा में पेयजल योजना, धूरा से सेतीचौड़ ब्याला तक संपर्क मोटर मार्ग, ककनई के तोक बूंगा दुर्गापीपल तक सड़क, भागिना भंडारी में मुख्य सड़क से राजकीय इंटर कॉलेज एवं प्राथमिक विद्यालय दयारतोली तक सीसी मार्ग और इंटरलॉकिंग टाइल्स तथा धन एवं बस्तियागूंठ के मंदिरों के सौंदर्यीकरण की घोषणा की।
इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में भूकटाव एवं बाढ़ सुरक्षा के लिए वायरक्रेट कार्य, पोथ के लदिया नदी में झूला पुल, दियूरी-चौड़ा सड़क का सुधारीकरण एवं डामरीकरण, डांडा ककनई में सिंचाई नलकूप, सुखीढांग-डांडा-मीनार मोटर मार्ग पर हॉटमिक्स और बुडम के कठोल में झूला पुल निर्माण समेत कई कार्यों की घोषणा की गई।
बच्चियों के साथ केक काटकर दिया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह के स्टॉल पर पारंपरिक आटा पीसने के उपकरण ‘चाख’ को चलाया। बाल विकास विभाग के स्टॉल पर छोटी बच्चियों के साथ केक काटकर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम में शामिल महिलाओं को रक्षाबंधन के उपहार भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, अपर जिलाधिकारी केएन गोस्वामी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत समेत जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।







